
मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल के सामने बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए नागरिकों ने आवास, पेयजल, सामुदायिक भवन निर्माण और जमीन विवाद जैसी प्रमुख समस्याएं रखीं। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही भीड़ उमड़ने लगी थी, जिससे लोगों की उम्मीदें साफ झलक रही थीं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रत्येक प्रार्थी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की मूलभूत समस्याओं का त्वरित निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान आवास योजनाओं और पेयजल संकट से जुड़ी शिकायतें सर्वाधिक सामने आईं। कई ग्रामीणों ने अपने गांव में सामुदायिक भवन निर्माण की मांग रखी, वहीं जमीन विवादों से जुड़े मामलों में भी बड़ी संख्या में आवेदन प्रस्तुत किए गए।

लोगों ने बताया कि सीधे कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखने से उन्हें विश्वास है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा। प्रार्थियों के उत्साह से कार्यक्रम में सकारात्मक माहौल दिखाई दिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी आवेदन के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मामलों का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे। उनके इस निर्देश से उपस्थित नागरिकों में संतोष की भावना देखने को मिली। जनदर्शन कार्यक्रम समाप्त होते ही कलेक्टर ने जिले के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ टीएल बैठक आयोजित की। इस बैठक में लंबित कार्यों की समीक्षा की गई और परियोजनाओं की प्रगति को तेज करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। कुल मिलाकर मंगलवार का दिन जिले की जनता के लिए उम्मीदों से भरा रहा। जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की आस लेकर पहुंचे, वहीं प्रशासन ने भी उसी गंभीरता से उनकी बातों को सुना और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। यह जनदर्शन न केवल संवाद का माध्यम बना बल्कि विश्वास मजबूत करने का एक प्रभावी प्रयास साबित हुआ।


