
स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2025 के तहत मंगलवार को बिलासपुर जिला कोर्ट में मतदान का ऐतिहासिक माहौल देखने को मिला। सुबह 10 बजे से ही कोर्ट परिसर में वकीलों की भीड़ उमड़ने लगी। लंबे समय बाद हो रहे इस चुनाव ने पूरे न्यायालय को लोकतांत्रिक महोत्सव का रूप दे दिया। गहमा-गहमी, चर्चा और उत्साह से पूरा परिसर ऊर्जा से भरा नजर आया। करीब छह साल बाद यह चुनाव होने के कारण वकीलों का उत्साह चरम पर रहा। जानकारी के अनुसार प्रदेश भर के 23 हजार से अधिक मतदाता इस बार अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। चुनाव में कुल 25 सीटों के लिए 105 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद कड़ा और रोचक हो गया है। वर्ष 2019 में स्टेट बार काउंसिल भंग होने के बाद से काउंसिल का संचालन अस्थायी कमेटी द्वारा किया जा रहा था, लेकिन इस बार बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने चुनाव की जिम्मेदारी रिटायर्ड जज चंद्रभूषण वाजपेयी की अध्यक्षता वाली सुपरवाइजरी कमेटी को सौंपी है। मतदान प्रक्रिया के दौरान जिला कोर्ट परिसर में लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन वकीलों ने पूर्ण अनुशासन और धैर्य के साथ मतदान किया।

वोट डालने के बाद कई अधिवक्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं है, बल्कि वकालत पेशे से जुड़ी समस्याओं और मांगों को जोरदार तरीके से रखने का माध्यम भी है। अधिवक्ताओं का मानना है कि इस चुनाव से नई नेतृत्व क्षमता उभरेगी जो उनकी आवाज़ को न सिर्फ सुनेगी बल्कि उस पर काम भी करेगी। वकीलों ने बार काउंसिल से अपनी कई अपेक्षाएं जताई हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा, बेहतर सुविधाएं, कल्याणकारी योजनाओं का पारदर्शी संचालन और युवा वकीलों को प्रोत्साहन देना नई कार्यकारिणी की प्रमुख प्राथमिकताओं में होना चाहिए। मतदाताओं ने साफ संकेत दिया कि वे उन्हीं प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे जो जमीनी स्तर पर उनके हितों के लिए संघर्ष करेंगे। पूरे चुनावी आयोजन में सुपरवाइजरी कमेटी की कड़ी निगरानी रही। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। कुल मिलाकर, बिलासपुर जिला कोर्ट आज एक लोकतांत्रिक उत्सव का साक्षी बना। भारी संख्या में अधिवक्ताओं की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि वकील बिरादरी अपनी परिषद को लेकर कितनी सजग और प्रतिबद्ध है। अब नजरें परिणामों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि 25 सीटों पर कौन विजयी बनकर उभरेगा और बार काउंसिल को नई दिशा देगा।


