ट्रेनों की लेटलतीफी अब घंटे में नहीं दिन तक पहुंच गई है। उधना गुजरात से पुरी तक चलने वाली समर स्पेशल ट्रेन का हाल यही है। एक जून को पहुंचने वाली यह ट्रेन अब तक बिलासपुर नहीं पहुंची है। इसके अलावा उत्कल एक्सप्रेस, आजाद हिंद एक्सप्रेस और मेल जैसी प्रमुख और लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन की स्थिति कुछ इसी तरह है। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री नाराज है और इस अव्यवस्था को लेकर रेल प्रशासन को जमकर कोस रहे हैं।

वैसे तो ट्रेनों की लेटलतीफी की इस समस्या से यात्री सालभर से जुझ रहे हैं। लेकिन, वर्तमान में समस्या कुछ अधिक बढ़ गई है। यात्री लगातार आस लगाए बैठे है कि परिचालन की स्थिति अब सुधर जाएगी। हालांकि ऐसा हो नहीं रह। लेटलतीफी धीरे – धीरे बढ़ती जा रही है। यात्री इससे पहले ही परेशान थे। अब गर्मी के कारण लेटलतीफी से ज्यादा दिक्कत हो रही है। अब तक ट्रेनें घंटो में विलंब से चलती थी। लेकिन, वर्तमान लेटलतीफी का समय दिन में बदल गया है। सबसे बदत्तर हालात समर स्पेशल ट्रेनों की है। जिन्हें रेलवे इसलिए चला रही है ताकि नियमित चलने वाली ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची ना रहे। हालांकि स्थिति विपरीत है। ट्रेनों के परिचालन को देखते हुए यात्री गंतव्य पर पहुंचने के लिए नियमित ट्रेनों में रिजर्वेशन अधिक करा रहे है। समर स्पेशल ट्रेनों में एक उधना – पुरी एक्सप्रेस की हालत यह है कि ट्रेन अब तक बिलासपुर नहीं पहुंची है। इसे एक जून को ही बिलासपुर पहुंच जाना था। इस ट्रेन के यात्री तो अब आने की उम्मीद तक छोड़ चुके है। रेल प्रशासन भी संतोषप्रद जवाब नहीं दे रहा है। इसी तरह सुबह नौ बजे की उत्कल एक्सप्रेस छह घंटे, आजाद हिंद एक्सप्रेस पांच घंटे, शालीमार- उदयपुर एक्सप्रेस छह घंटे, मुंबई- हावड़ा मेल साढ़े तीन घंटे, हावड़ा- पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस 22 घंटे, हावड़ा- अहमदाबाद एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और शिवनाथ एक्सप्रेस ट्रेन एक- एक घंटे देरी से पहुंची। इन सभी ट्रेन के यात्रियों को भीषण गर्मी के बीच स्टेशन में ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। जिसके चलते उन्हें परेशानी हुई।


