
धनतेरस से शुरू होकर पांच दिनों तक चलने वाले दीपावली पर्व को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि त्योहार के दौरान तीन प्रमुख जोखिम सामने आते हैं पटाखे, खानपान और वाहन दुर्घटनाएं।इन सभी संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए अस्पताल में विशेष तैयारियां की गई हैं। आइसोलेशन वार्ड को एक्टिव किया गया है, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और दस वार्ड बॉय तथा समस्त चिकित्सा स्टाफ को मुस्तैद रखा गया है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि खाद्य वस्तुएं केवल मानक दुकानों से ही खरीदी जाएं। खुली या बासी मिठाइयों और मिलावटी पदार्थों के सेवन से फूड प्वाइजनिंग की आशंका रहती है। वहीं, पटाखे जलाते समय विशेष सावधानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को नायलॉन या टाइट कपड़े न पहनाएं, बल्कि कॉटन के ढीले कपड़े पहनाएं। पटाखे जलाते समय सीधे हाथ में आग लगाने की बजाय लकड़ी या डंडे की सहायता से जलाएं और पास में पानी की बाल्टी अवश्य रखें।अधिकारी ने कहा कि भारी आवाज वाले बम और लंबे समय तक जलने वाले पटाखों से दूर रहें क्योंकि इनसे कानों पर असर पड़ सकता है और अस्थायी रूप से सुनने में दिक्कत आ सकती है। धुएं से आंखों में जलन या स्किन एलर्जी जैसी दिक्कतें भी संभव हैं।ऐसे में आंख या त्वचा में समस्या आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।त्योहार के दौरान बढ़ने वाली दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने एक्स-रे, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन, एनेस्थीसिया और आई विभाग को अलर्ट पर रखा है। सीएमएचओ ने बताया कि सभी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी चार्ट जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा हमारी चिकित्सा व्यवस्था तैयार है, लेकिन सबसे बड़ा बचाव जनता की अपनी सावधानी है। दीपावली का आनंद सुरक्षा और संयम के साथ लें।


