तिफरा इलाके में पुजारी के मकान में रखी पेटी में मौजूद एक करोड़ 30 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई है। खुद को नकली क्राइम ब्रांच के अधिकारी बताकर करोड़ों रुपए की लूटपाट के इस मामले का बुधवार को पुलिस ने खुलासा किया।

कुछ दिनों पहले सकरी निवासी विद्या प्रकाश पांडे ने एक पेटी काली मंदिर माता चौरा सिरगिट्टी में रहने वाले अपने परिचित पुजारी कृष्ण कुमार मिश्रा के घर रखवाई थी। इस पेटी में कुछ जरूरी कागजात और एक करोड़ 30 लाख रुपए थे। पेटी में ताला लगा हुआ था। पेटी काफी दिनों से पुजारी के घर पर थी। 13 अगस्त को पुजारी कृष्ण कुमार मिश्रा राजनांदगांव गए हुए थे। इसी दौरान दोपहर करीब 12:00 बजे 6 लोग उनके घर पहुंचे, जिसमें दो महिलाएं भी थी। इन लोगों ने गले में आई कार्ड लगाया हुआ था और इन्होंने खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताया। नकली क्राइम ब्रांच के अफसरों ने घर में मौजूद महिलाओं को हिलने पर गोली मार देने की धमकी दी और फिर जांच के नाम पर वह पेटी लेकर भाग गए, जिसमें एक करोड़ 30 लाख रुपए थे। इसकी जानकारी रात को लौटने पर कृष्ण कुमार मिश्रा को हुई तो उन्होंने विद्या प्रकाश पांडे को भी बताया। दोनों ही थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे। पुलिस को कहानी संदिग्ध लगी और शुरुआत में शक की सूई पुजारी और उसके परिवार के सदस्यों पर ही घूमने लगी, लेकिन फिर पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे की जांच की ओर नकली क्राइम ब्रांच टीम तक पहुंचने में पुलिस को कामयाबी मिली।


इस गिरोह की दो महिला सदस्यों तक पुलिस पहुंच गई है । पुलिस ने तिफरा जोन कार्यालय के सामने सिरगिट्टी में रहने वाली 25 वर्षीय सिंधु वैष्णव और सागर एवं वर्तमान में भारतीय नगर एल 3 गली में रहने वाली रानी बैरागी को गिरफ्तार किया है। सिंधु वैष्णव के पास से 20 लाख रुपए और रानी बैरागी के पास से 10 लाख रुपए मिले हैं ।नकली क्राइम ब्रांच बनाकर लूटपाट करने वाले गिरोह ने रुपए आपस में बांट लिए थे। गिरोह के पुरुष सदस्य कहीं और भाग गए। पुलिस का दावा है कि उनके बारे में भी जानकारी मिल चुकी है और जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी होगी।


इस मामले में भी पुलिस शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपियों तक जा पहुंची, जिनके शहर में छिपे होने की जानकारी पुलिस को मिली, इसलिए पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वर अधिक से अधिक संख्या में मकान और दुकानों में सीसीटीवी कैमरा लगाए। यह पूरी घटना फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर अंजाम दी गई, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब पेटी में एक करोड़ 30 लाख रुपए होने की जानकारी केवल पुजारी कृष्ण कुमार मिश्रा और विद्या प्रकाश पांडे को ही थी तो इसकी जानकारी इन लुटेरों को कैसे लगी ? इस रहस्य पर से पर्दा उठना बाकी है।



