तखतपुर के ग्राम बीजा के रसूखदार कोटवार की दहशत और गुंडागर्दी पर समय रहते कार्रवाई नही हुई। इसी कारण से कोटवार वीरेंद्र रजक ने पूर्व महिला सरपंच को ट्रेक्टर से कुचलकर मार डालने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल पूर्व महिला सरपंच और एक और महिला अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। यह उल्लेखनीय है कि बीजा एक बड़ा ग्राम है, जहां दो कोटवार हैं। पूर्व में एक कोटवार का देहांत हो जाने के बाद तिकड़म भिड़ाकर रिक्त कोटवार के पद पर करीब 15 साल पहले वीरेंद्र रजक काबिज हो गया था। उसकी दबंगई को देखते हुए एक अन्य कोटवार डर के मारे शांत बैठ गया। शासन की ओर से मिलने वाले 10 एकड़ सरकारी जमीन को भी वीरेंद्र रजक ने हथिया लिया। साथ ही अपने प्रभाव के बल पर गांव में रंगदारी भी शुरू कर दिया। डराने धमकाने के साथ ही सरकारी जमीन पर कब्जा भी करने लगा।

कोटवार की हरकतों और गुंडागर्दी पर अंकुश लगाना तो दूर पुलिस और तखतपुर प्रशासन कोटवार को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण देते रहे। यही वजह है कि कोटवार वीरेंद्र रजक और उसके परिवार का गांव में आतंक बढ़ गया। अभी हाल में उसने ट्रेक्टर खरीदा और सरकारी जमीन पर कब्जा करने इसी नए ट्रेक्टर से पूर्व महिला सरपंच को कुचल दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद परिजन और गांव वालों ने कोटवार वीरेंद्र रजक की जमकर पिटाई की। आक्रोशित लोगों ने घटना को लेकर तखतपुर थाने का घेराव भी कर दिया। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कोटवार वीरेंद्र रजक के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों के तीव्र विरोध के बाद पुलिस ने कोटवार और उसके पुत्रों के खिलाफ अपराध दर्ज किया। लेकिन ग्रामीण पुलिस के इस फैसले से संतुष्ट नजर नहीं आए।



वही ग्रामीणो का कहना है कि हम चाहते हैं कि इन्हें उनके पद से बर्खास्त किया जाए। इसी कड़ी में बड़ी संख्या में ग्रामीणो ने आज कलेक्ट्रेट का घेराव कर अपनी मांग रखी और आवाज उठाया।


