शहर के मंगला क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए अवैध दुकान और मकान को तोड़ने की कार्यवाई निगम ने की। बिना अनुमति के बनाये जा रहे दुकानों पर निगम का बुलडोजर चला कर अवैध निर्माण को ढहाया गया। इसके विपरित ही शनिचरी में बने अवैध दुकानों को अब तक नहीं तोड़ा गया है। जबकी निगम कमिश्नर ने नोटिस जारी कर 3 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। 3 महीने बीत जाने के बाद भी निगम का बुलडोजर शनिचरी नही पहुंच सका। रसूखदार कब्जाधारी और उसके अवैध निर्माण के रसूख के आगे कमिश्नर का आदेश भी रद्दी की टोकरे में डाल दिया गया।

लेकिन सवाल उठता है की शहर में अवैध निर्माण पर लगातार हो रही कार्यवाही से एक अच्छा संदेश तो जा रहा पर शनिचरी की दुकान पर तोड़ने में निगम के हाथ क्यों कांप रहे है। आखिर इस अवैध दुकान निर्माण के पीछे किसका हाथ है क्या निगम पर कोई राजनैतिक दबाव है, जिसके कारण निगम अवैध दुकान पर कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा। जबकि दूसरी तरफ पुराना बस स्टैंड में 75 से अधिक दुकानों को 1 दिन में ही तोड़ दिया गया था, पर शनिचरी की 2 दुकानों तक जाने में निगम के बुलडोजर के पहिए थम जाते है। बहरहाल इस मामले में देखना होगा की कार्यवाही होती है या रसूख के आगे निगम नतमस्तक हो जाएगा।


