अपनी बदजुबानी और गुस्सैल स्वभाव के लिए चर्चित कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत नामांकन रैली में शामिल होने बिलासपुर पहुंची। हालांकि कांग्रेस उन्हें अपना स्टार प्रचारक मानती है लेकिन सच्चाई है कि सुप्रिया जब भी जुबान खोलती है तो कांग्रेस को नुकसान ही होता है। छत्तीसगढ़ कई दशकों से नक्सल प्रभावित रहा है। नक्सली यहां बड़ी समस्या है लेकिन सुप्रिया नक्सलियों से सहानुभूति जताते हुए उन्हें शहीद बताती है और जब इस पर पत्रकार सवाल करते हैं तो उनकी बौखलाहट फिर से सामने आती है।

बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान भी सुप्रिया श्रीनेत पूरे वक्त राग दरबारी गाती रही। गांधी परिवार से शुरू होकर गांधी परिवार को ही देश मानने वाली सुप्रिया पूरे वक्त गांधी परिवार के कसीदे पढ़ती और भाजपा एवं मोदी की आलोचना करती नजर आई। इस दौरान वह पत्रकारों के किसी भी सवाल का सीधे-सीधे जवाब नहीं दे पायी। इससे बचने के लिए उन्होंने झूठ का सहारा लिया और साफ का दिया कि उन्होंने नक्सलियों को शहीद नहीं बताया जबकि वीडियो सार्वजनिक है। सुप्रिया श्रीनेत पूरे वक्त राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा पर ही कसीदे पढ़ती रही। देवेंद्र यादव पर किए सवाल पर भी वह तिलमिला उठी। जिस तरह से कांग्रेसी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उस पर आत्म मंथन करने की बजाय सुप्रिया इसका भी दोष भाजपा पर ही देती दिखाई दी।

कांग्रेस घोषणा पत्र पर आरोप लग रहे हैं कि मानो यह कोई मुस्लिम लीग का घोषणा पत्र है, जिसमें केवल मुस्लिम हित की ही बात है। इस भाव को समझने की बजाय सुप्रिया श्रीनेत इस बात पर जोर देती दिखी कि इसमें मुस्लिम शब्द का जिक्र नहीं है। इससे ही उनकी समझ स्पष्ट हुई। टीवी डिबेट की तरह बिलासपुर के पत्रकार वार्ता में भी सुप्रिया श्रीनेत पूरे वक्त पत्रकारों से विवाद करती ही नजर आई।



