पिछले दिनों हुई बस दुर्घटना के बाद ट्रैफिक एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर गंभीर है। यही वजह है कि उन्होंने ट्रैफिक के पूरे दल बल के साथ नया बस स्टैंड पहुंचकर वहां से गुजरने वाली बसों की जांच कर ड्राइवर की भी ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की।



पुलिस प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। कभी सवारी से भरी बस पलट जाती है, जिसमें सवार दर्जनों यात्री गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, तो वहीं भारी वाहन एवं चार पहिया वाहन, बाइक सवारों को चपेट में ले लेते है। इससे लगातार हादसों का ग्राफ ऊपर जा रहा था। इसकी रोकथाम को लेकर कोई भी गंभीर नही था। इसी तरह बीते दिन थाना तोरवा के लाल खदान ब्रिज के नीचे भी एक तेज रफ्तार बस ड्राइवर की लापरवाही से अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में एक दूध मुहे बच्चे की मौत हो गयी तो वहीं दर्जनों यात्री घायल हो गए थे।

वहीं हादसा ड्राइवरों के नशे में रहने के चलते होना पाया जा रहा था। इसलिए लगातार हो रहे सड़क हादसों पर गम्भीरता दिखाते हुए ट्रैफिक एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर ने बस चलाने वाले ड्राइवरों की ब्रीथ एनालाइजर के जरिये जांच करने की योजना बनाई। इस मुहिम की शुरुआत मंगलवार से हाईटेक बस स्टैंड में की गई। दरअसल हाईटेक बस स्टैंड पहुँचकर एएसपी नीरज चंद्राकर, डीएसपी संजय साहू ट्रैफिक अधिकारियों और कर्मचारियों के जरिये बस स्टैंड से दूर दराज जाने वाली बसों के ड्राइवरों की ब्रीथ एनालाइजर के जरिये जांच की गयी। हालांकि जांच के दौरान एक भी ड्राइवर नशे के हालत में नही मिला। बताया जा रहा है कि यह अभियान बस ड्राइवरों के खिलाफ निरंतर जारी रहेगा।

बहरहाल बस ड्राइवरों के ब्रीथ एनालाइजर के जांच के दौरान सभी बस मालिकों को शहरी क्षेत्र में बसों का संचालन धीमे रफ्तार से करने निर्देशित भी किया गया। जानकारी मिल रही है कि बस ड्राइवरों के बाद ट्रक ड्राइवरों की भी ब्रीथ एनालाइजर से इसी तरह निरन्तर जांच की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि बढ़ते हादसों पर अंकुश लगाने ट्रैफिक पुलिस के द्वारा शुरू की गई यह सराहनीय पहल भविष्य में जरूर कारगर साबित होगी।


