
बिलासपुर की सड़कों का हाल अब लोगों के सब्र से भी खराब हो चुका है।बरसात बीते हफ्तों गुजर गए, लेकिन टूटी और गड्ढों में तब्दील सड़कें अब भी वैसी की वैसी हैं।मामला सिर्फ बिलासपुर का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का है। जहाँ सड़कें नहीं, बल्कि हादसों के जाल बिछे हुए हैं।वि ओ—१—- बिलासपुर की सड़कें इन दिनों बुरी तरह जर्जर हो चुकी हैं।गड्ढों में पानी भरा है, डामर गायब है और सड़क की जगह अब सिर्फ धूल और कीचड़ दिखता है।हर दिन दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं, लोग गिर रहे हैं, और छोटे-बड़े एक्सीडेंट आम बात बन चुके हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार उन्होंने निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की,लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला बरसात खत्म होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।अधिकारियों ने 15 अक्टूबर से सड़क निर्माण शुरू करने की बात कही थी,लेकिन अक्टूबर बीत गया और अब नवंबर की ठंडी हवा में भी सड़क मरम्मत का काम ठंडा पड़ा है।सड़क की इस बदहाली से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बच्चों को स्कूल जाने में मुश्किल, बुजुर्गों को चलने में दिक्कत और वाहन चालकों को रोज़ हादसे का डर यही बन गया है मंगला इलाके की पहचान।लोगों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए।बरसात खत्म हो चुकी है, अब जनता चाहती है कि प्रशासन तुरंत सड़क निर्माण का कार्य शुरू करे। वही नगर निगम क्या पढ़ाई का कहना है कि सभी टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है और जल्द ही सड़कों का काम शुरू होगा जिससे लोगों को खस्ता हाल सड़कों से निजात मिलेगी उम्मीद की जा रही है कि साल की अंत तक शहर की सभी सड़के दुरुस्त हो जाएगी।बाइट— खजांची कुमार अपर आयुक्त वि ओ—2- अब देखना होगा कि प्रशासन कब इन टूटी सड़कों की मरम्मत कराएगाऔर कब बिलासपुर की जनता को गड्ढों के इस जाल से राहत मिलेगी।फिलहाल, लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं।कि शायद इस बार सड़कों पर वादा नहीं, काम दिखे।


