साफ सफाई नहीं होने और दूषित पेयजल के चलते शहर सहित ग्रामीण इलाकों में जल जनित बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं, डायरिया के लगातार मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। इसे लेकर विभाग शिविर और सर्वे लगाने का दावा कर रहा है। सर्वाधिक केस निचली बस्तियों में मिल रहे हैं, जहां नालियों से होकर पाइपलाइन गुजरी है। यहां लगातार मांग के बावजूद भी स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं कराई गई है, ना ही स्वास्थ्य विभाग और निगम द्वारा यहां साफ सफाई की पर्याप्त व्यवस्था होती है. इसके चलते हर बार बारीश के मौसम में हैजा के मरीज मिलते हैं।

इसे लेकर जी न्यूज़ की टीम ने निचली बस्तियों का सर्वे किया, जहां पता चला कि लोगों में जागरूकता का अभाव है, वही सफाई सहित दूषित पेयजल की समस्या रहती हैं जिसके चलते हर साल ऐसी स्थिति बनती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, यहां के डॉक्टरों ने इसके बचाव के उपाय भी बताएं हैं और कहा साफ और उबला पानी का ही सेवन करें साथ ही ओआरएस घोल का नियमित सेवन करने से डिहाइड्रेशन की कमी दूर होती है, जल जनित बीमारियों से बचाव के बारे में आईये सुनते हैं चिकित्सकों की सलाह।








