
बिलासपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। जिले में नशे के अवैध कारोबार में लिप्त 10 आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कारावास की सज़ा सुनाई गई है। इन मामलों की विवेचना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह ने प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। माननीय विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस कोर्ट ने विचारण उपरांत 10 आरोपियों को कठोर कारावास और जुर्माने से दंडित किया। इनमें से कई को 15 वर्ष की सज़ा दी गई है, जबकि कुछ को 10 वर्ष और 4 वर्ष का कठोर कारावास मिला है। जिन आरोपियों को सज़ा हुई है उनमें अजीत साहू, घनश्याम साहू, जोगनी कुर्रे, अक्षय कुर्रे, मनीषा टंडन, प्रमोद ध्रुव, छोटू उर्फ अख्तर, मोहम्मद जाहिद, अजय वर्मा और मुकेश साहू शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी हैं और नशे के कारोबार में सक्रिय थे।नशे के इस काले कारोबार की विवेचना में पुलिस की भूमिका बेहद अहम रही। थाना सिविल लाइन के साथ अन्य थानों में दर्ज प्रकरणों की जांच करने वाले अधिकारियों ने ठोस सबूत पेश किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपियों को कठोर सज़ा सुनाई।

इस सफलता पर एसएसपी बिलासपुर राजनेश सिंह ने खुद थाना सिविल लाइन पहुंचकर विवेचकों और सहयोगी पुलिसकर्मियों का सम्मान किया।सम्मानित होने वालों में उपनिरीक्षक अमृत साहू, उपनिरीक्षक अवधेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रकांत डहरिया, सहायक उपनिरीक्षक राजेशधर दीवान, आरक्षक मनोज साहू और आरक्षक बृजनंदन साहू शामिल हैं। इन सभी को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान कर उनकी सराहना की गई।एसएसपी ने साफ किया कि पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले में नशे के कारोबारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। नशा बेचकर युवाओं का भविष्य खराब करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। बिलासपुर में नशे के खिलाफ पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई कानून व्यवस्था की सख्ती का संदेश देती है।एक तरफ आरोपी कठोर कारावास की सज़ा पाएंगे,वहीं दूसरी ओर पुलिस के मेहनती अधिकारियों और जवानों को सम्मान ने उनका मनोबल और मजबूत किया।


