
बिलासपुर में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ बाबू मनोज तोंडेकर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू एक युवक से अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि की फाइल पास करने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। पीड़ित युवक ने इसकी शिकायत ACB को की, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। ठीक तय समय पर युवक रिश्वत की रकम लेकर कार्यालय पहुंचा और जैसे ही उसने पैसे मनोज तोंडेकर को सौंपे, ACB की टीम ने वहां दबिश दे दी। टीम ने मौके से आरोपी को रिश्वत की पूरी रकम के साथ पकड़ लिया।

नोटों को जब्त करते हुए वीडियोग्राफी भी की गई ताकि साक्ष्य सुरक्षित रह सकें। गिरफ्तारी के बाद आरोपी बाबू को तत्काल हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है। ACB अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या मनोज तोंडेकर पहले भी ऐसे किसी प्रकरण में शामिल रहा है या विभाग में अन्य कर्मचारी भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त हैं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमजन का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से ही सरकारी सिस्टम में सुधार आ सकता है और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ बिना रिश्वत के पहुंच सकेगा।


