जोनल स्टशेन के बाहर मंगलवार देर रात प्रीमियम पार्किंग में खड़ी कार में आग लग गई। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और रेलवे स्टाफ अग्निशमन यंत्र की मदद से आग बुझाने का प्रयास किए। लेकिन आग इतनी तेजी से भभक रही थी कि यंत्र काम नहीं आई। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन की मदद से दमकल बुलाई गई और करीब एक घंटे की जद्दोजहद के बाद आग बुझी। यदि समय रहते आग नहीं बुझती तो बड़ा हादसा हो सकता था। आग की लपटे अन्य कार के अलावा जोनल स्टेशन की बिल्डिंग तक पहुंच सकती थी।



रेलवे स्टेशन वीआईपी गेट के पास घटी आगजनी की घटना मंगलवार देर रात 3 बजे के आसपास की बताई जा रही है।स्टेशन में वीआई गेट के सामने प्रीमियम पार्किंग है, जहां यात्रियों की कार खड़ी रहती है। रेलवे ने पार्किंग के लिए इसी जगह को चिंहित किया है। मंगलवार को भी कुछ कारें पार्किंग में थीं। इसी बीच सीजी 12 एक्यू – 3322 के इंजन की तरफ अचानक आग लग गई। रात का समय होने के कारण इसकी सूचना आरपीएफ और रेलवे स्टेशन स्टाफ तक समय पर नहीं पहुंची। जब जानकारी मिली तो आग बढ़ चुकी थी और इंजन की तरफ का हिस्सा भभक रहा था। जिसे देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए। कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। आनन- फानन में रेलवे स्टाफ अग्निशमन यंत्र लेकर आए और आग बुझाने का प्रयास करने लगे। लेकिन, तब तक आग बढ़ चुकी थी। लिहाजा सूचना देकर दमकल बुलाई गई। तब जाकर आग बुझी और स्टाफ ने राहत की सांस ली। हालांकि जिस समय घटना हुई स्टेशन के बाहर यात्री थे। कुछ लोग जलती कार के नजदीक जाने का प्रयास भी कर रहे थे। जिन्हें आरपीएफ ने सुरक्षा घेरा बनाकर रोका। यदि आग नहीं बुझती तो रेलवे स्टेशन में बड़ा हादसा हो सकता था। आसपास कुछ और कारें खड़ीं थी। आग की लपटे इन तक पहुंचतीं तो वे भी जद में आ जाते और धीरे- धीरे आग जोनल स्टेशन बिल्डिंग तक पहुंच जाती। जोनल स्टेशन के गेट नंबर दो के सामने खड़ी कार में आग कैसे लगी, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रथम दृष्टया शार्ट सर्किंट को वजह बताई जा रही है। इस घटना की सूचना कार मालिक को दी गई। यह कार किसी अमित चौहान नाम के व्यक्ति की है, जो बुढ़ार किसी काम से गए थे। इस घटना की जांच पुलिस और आरपीएफ दोनों कर रही है।



घटना में कार के सामने का हिस्सा पूरी तरह जल गया है। इसे देखते हुए जली कार को ढक दिया गया। हालांकि इसकी वजह बुधवार की दोपहर एसईसीआर महाप्रबंधक नीनु इटियेरा का स्टेशन आना था। वह कोरबा निरीक्षण के लिए गईं थी। बुधवार को रेलवे के प्राइवेट वैगन से बिलासपुर पहुंची। कार इसलिए ढकी गई, ताकि उनकी नजर इस पर न पड़े और यह आगजनी का राज, राज बनकर रह जाये।





