रेल प्रशासन के देखरेख के अभाव में स्टेशन आने वाले यात्रियों पर जान का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल गेट नंबर 3 के पास लंबे समय से मधुमक्खियां ने छत्ता बनाकर अपना कब्जा किया हुआ है। जिसे हटवाने पर रेलवे ध्यान नहीं दे रहा है। जोनल स्टेशन के गेट नंबर तीन में मधुमक्खियों के छत्ते है। अब यह यात्रियों के लिए खतरा बन चुके है। रेलवे स्टेशन में लगे छत्तों से अचानक मधुमक्खियां उड़ने लगती है जिससे यात्रियों के साथ यहां से गुजरने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि तीन दिन में पांच से अधिक छुटपुट घटनाएं हो चुकी है। जोनल स्टेशन में चार प्रवेश द्वार है।

गेट नंबर तीन के पास मधुमक्खी के 3 बड़े छत्ते हैं। धीरे- धीरे छत्ते का आकार बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते यहां से आने जाने वाले यात्री और राहगीरों को ये मधुमक्खीयां अपना निशाना बना रही हैं। दरअसल जिस जगह पर मधुमक्खी का छत्ता है वहां से रेलवे के कई केबल तार गुजर रहे है जैसे ही हवा चलती है तार छत्ते से टकरा जाते है जिसके बाद मधुमक्खियां उड़ने लगती है। मधुमक्खियां आटो स्टैंड, साइकिल स्टैंड के अलावा यहां से गुजरने वाले यात्रियों को निशाना बना चुके हैं। इसके बाद भी इनके छत्ते को हटाने की ओर रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है।

रेल प्रशासन यात्रियों के सुविधाओं में विस्तार का केवल दिखावा ही कर रहा है। जबकि अगर सच्चाई देखी जाए तो एसईसीआर बिलासपुर को यात्रियों से जरा भी सरोकार नहीं है, तभी तो रेलवे स्टेशन आने जाने वाले यात्रियों को यहां लगे मधुमक्खियां के छत्तों से जान का खतरा बना हुआ है और रेलवे बेपरवाह है।



