

बिलासपुर – बिलासपुर नगर निगम की लापरवाही और पानी संकट से जूझ रहे लोगों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब अटल आवास के रहवासी महापौर पूजा अशोक विधानी के घर के सामने ही चक्काजाम कर बैठ गए। हाथों में बाल्टी, देगची और बर्तन लेकर लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे अटल आवास के रहवासियों ने हेमूनगर के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तकरीबन 10 मिनट तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद महापौर पूजा विधानी खुद बाहर आईं और लोगों से बर्तन हटवाकर जाम खत्म करवाया। हालांकि, इसी बीच उनके पति और पूर्व सभापति बिना कोई बात सुने वहां से कार में बैठकर निकल गए, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे पिछले 5 से 6 महीनों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार कलेक्टर, कमिश्नर और महापौर से गुहार लगाने के बाद भी उन्हें समाधान नहीं मिला। रहवासियों ने आरोप लगाया कि अब तक न पानी की सप्लाई मिली और न ही नगर निगम ने कोई ठोस कदम उठाया।वहीं, महापौर पूजा विधानी ने इस पूरे मामले में बड़ा बयान देते हुए कहा कि अटल आवास में रह रहे लोग अवैध रूप से बसे हुए हैं। कांग्रेस शासनकाल में पैसे लेकर इनको कब्जा दिलाया गया और इनकी प्रक्रिया अधूरी है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक घर का तोड़-फोड़ और वैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक यहां पानी व अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी।महापौर के इस बयान से रहवासियों का गुस्सा और भड़क गया। लोगों ने कहा कि यदि वे अवैध हैं तो उन्हें शुरू से यहां क्यों बसाया गया, और यदि वे अधिकृत हैं तो फिर उन्हें पानी और मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्यों रखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन और महापौर पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया। कुल मिलाकर, पानी संकट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महापौर के घर के सामने हुआ यह हंगामा अब सीधे-सीधे राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। सवाल यह है कि क्या निगम जनता की प्यास बुझाएगा या फिर इसे राजनीति और वैधानिकता की भेंट चढ़ा दिया जाएगा।


