Homeहमर बिलासपुरमाँ सोलापुरी पूजा से पहले निकली भव्य शोभा यात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत।

माँ सोलापुरी पूजा से पहले निकली भव्य शोभा यात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत।

सोलापुरी माता पूजा से पहले शुक्रवार शाम को श्री त्रिपुर सुंदरी मरी माई मंदिर लोको कॉलोनी से माता की भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी, जिसका जगह-जगह स्वागत किया गया। देर रात यह शोभायात्रा आयोजन स्थल पहुंची जहां आगामी 28 अप्रैल तक देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाएगी।

श्री सोलापुरी माता पूजा का आयोजन बारह खोली चौक, स्टेशन रोड, बिलासपुर में किया जा रहा है। देवी की स्थापना से पहले शोभायात्रा निकालकर उन्हें नगर भ्रमण कराया गया। दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल के खड़कपुर में सोलापुरी माता की पूजा धूमधाम से की जाती है। बिलासपुर रेलवे क्षेत्र वायरलेस कॉलोनी में रहने वाले कुछ उत्साही मां सोलापुरी भक्तों ने पृथक राज्य बनने के बाद बिलासपुर में भी इस आयोजन की शुरुआत की। इन्हीं आयोजनकर्ताओ द्वारा 24वे वर्ष में सोलापुरी माता की स्थापना की जा रही है। मां सोलापुरी की स्थापना और पूजा अर्चना से जहां ग्रीष्म काल में होने वाले विभिन्न रोगों से मुक्ति मिलती है, तो वही जिस स्थान पर देवी की पूजा अर्चना की जाती है, उस पूरे नगर में शीतलता आती है। आयोजको ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि सोलापुरी माता की स्थापना के साथ ही बिलासपुर में पड़ रही तेज गर्मी से भी अवश्य निजात मिलेगी।

गुरुवार को राटा पूजा के बाद शुक्रवार दोपहर को खड़कपुर से आए पुजारी पार्थ सारथी ने बड़ी ही कुशलता से गीली हल्दी से माँ सोलापुरी की प्रतिमा निर्मित की। जिनका श्रृंगार मोगरे के फूल, नींबू आदि से किया गया। सूरज ढलते ही लोको कॉलोनी स्थित त्रिपुर सुंदरी मां मरी माई मंदिर से भव्य शोभा यात्रा निकाली जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस शोभा यात्रा में बाल पुजारी देवी विग्रह को अपने सर पर धारण किए हुए आगे आगे चलते रहे। पारंपरिक डफली के अलावा बैंड बाजा और धुमाल के साथ निकली इस शोभा यात्रा के स्वागत में श्रद्धालु पलके बिछाए प्रतीक्षा कर रहे थे। मां सोलापुरी के स्वागत में पूरे रास्ते को बुहारा गया और शीतल जल का छिड़काव किया गया। मां के मार्ग को निष्कंटक करने के लिए पूरे रास्ते महिलाओं ने साड़ियां बिछा दी। कलश में नीम और हल्दी युक्त पवित्र जल लेकर देवी की प्रतीक्षा की गई, जिनका जलाभिषेक करते हुए आरती उतारी गई, तो वहीं मान्यता अनुसार देवी के भक्त सड़क पर लेट जाते थे जिनके ऊपर से यह शोभायात्रा गुजरी। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

12 इस वर्ष न केवल आयोजन स्थल बदला है बल्कि शोभायात्रा के रूट में भी आंशिक बदलाव किया गया। लोको कॉलोनी मां मरी माई मंदिर से निकलकर यह शोभायात्रा नयापारा होते हुए रेलवे ओवरब्रिज शंकर नगर पहुंची। रेलवे क्षेत्र के बाद अन्नपूर्णा कॉलोनी के पास इस शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। माता के स्वागत में जगह-जगह नीम के पत्ते से स्वागत द्वारा बनाए गए थे, सड़क को रंगोली से सजाया गया तो वही शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शरबत, फल आदि का वितरण किया गया। बिलासपुर में रेलवे क्षेत्र में अनेक स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। इस शोभायात्रा में पुरुषों के अलावा महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी आधी रात तक चलते नजर आए। देर रात को माँ सोलापुरी अपने गंतव्य पहुंची, जहां पुजारी पार्थ सारथी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देवी की स्थापना की। पूजा, आरती के बाद प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालु घर को लौटे। अब यहां आगामी 28 अप्रैल तक मां के अलग-अलग स्वरूपों की स्थापना कर हर संध्या पूजा अर्चना की जाएगी।

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