इन दिनों सभी दुर्गा मंदिरों में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में भी गुप्त नवरात्रि के अवसर पर विशेष श्रृंगार किया गया है। जिसके बाद भक्तों द्वारा माता की पूजा अर्चना की गई। पीतांबर पीठाधीश आचार्य दिनेश महाराज ने बताया कि सर्वप्रथम देवी देवताओं का आवाह्न किया गया। इसके बाद देवी पूजन हुआ वही अभिजीत मुहूर्त में घट की स्थापना की गई। 10 महाविद्याओं की साधना और जप किया गया। श्री ब्रह्म शक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन श्रृंगार की गई। साथ ही सुबह श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक पूजन और परम ब्रह्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का पूजन श्रृंगार हुआ।

वही श्री महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती राजराजेश्वरी देवी का दुग्धाभिषेक किया गया। पीतांबरा हवनात्मक यज्ञ ब्राह्मणों द्वारा संपन्न किया गया। आचार्य दिनेश महाराज ने बताया कि गुप्त नवरात्रि की महिमा को आम लोगों तक ऋषि श्रृंगी ने पहुंचाया था। एक दिन ऋषि श्रृंगी अपने भक्तों के साथ आश्रम में बैठे अपने भक्तों के साथ धर्म चर्चा कर रहे थे। चर्चा समाप्त होने के बाद एक महिला उनके पास आई और दुखी होकर कहा कि उनके पति अनीतिपूर्ण कार्य करता है। इस वजह से घर में कलह रहता है और पूजा पाठ भी नहीं हो पता तब ऋषि श्रृंगी ने उसे गुप्त नवरात्रि की महिमा बताते हुए 10 महाविद्याओं की उपासना करने को कहा तभी से गृहस्थ लोगों में गुप्त नवरात्रि प्रचलित है।



