
सीपत तहसील के ग्राम सोंठी स्थित बगलामुखी मां मन्नादाई मंदिर में गुरुवार को ग्रामवासियों ने श्रमदान दिवस मनाया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां मन्नादाई केवल आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और अनुशासन का प्रतीक भी हैं।मां मन्नादाई मंदिर करीब 400 वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है, जहां शारदीय, बसंती और गुप्त नवरात्रि बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं।

इस वर्ष भी मंदिर परिसर में 627 तेल ज्योति कलश और 14 घी ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। ग्रामवासियों और समिति ने मिलकर मंदिर का भव्य स्वरूप निखारा है और यहां हर साल भक्तों की भीड़ उमड़ती है।नवरात्रि के प्रथम दिन 22 सितंबर को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें करीब 3000 से 4000 श्रद्धालु शामिल हुए। गाजे-बाजे और भक्तिमय माहौल में ग्राम सरपंच नीमा वस्त्रकार, जनपद प्रतिनिधि लक्ष्मी पोर्ते सहित क्षेत्र के लोग पदयात्रा कर मां का आशीर्वाद लेने पहुंचे। समिति ने बताया कि श्रमदान और सामूहिक प्रयासों से ही मंदिर का यह स्वरूप संभव हुआ है, जो गांव और आसपास के श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।


