रविवार को बंगाली समाज ने अपना नव वर्ष पहला वैशाख मनाया। इस अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। समाज के लोगों ने बंगाल की संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुती दी तो वही सह भोज में भी बड़ी संख्या में बंगाली समाज के लोग एकत्रित हुए। अपनी समृद्ध, सांस्कृतिक धरोहरों के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध बंगाली समाज ने रविवार को अपना नववर्ष पहला वैशाख उल्लास- उमंग के साथ मनाया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बंगाली समाज द्वारा तोरवा छठ घाट रोड स्थित बांग्ला भवन में बांग्ला नववर्ष उत्सव का आयोजन किया गया।आयोजन के दौरान समाज के ही प्रतिभागियों द्वारा बांग्ला संस्कृति से ओतप्रोत गीत, संगीत, नृत्य कविता आदि की प्रस्तुति दी गई।


कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल,जिला अध्यक्ष रामदेव कुमावत,पार्षद मोती गंगवानी सहित अन्य मौजूद रहे वहीं विशिष्ट अतिथि में बीसी गोल दार, ए के गांगुली, नमिता घोष, गोपाल चंद्र मुखर्जी, रीता बिस्वास, प्रदीप रॉय आदि शामिल हुए। उपस्थित बंगाली समाज को संबोधित करते हुए अमर अग्रवाल ने कहा कि देश के सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक, साहित्यिक समेत सभी क्षेत्रों में बंगाली समाज का योगदान अतुलनीय है। समाज में विवेकानंद हो या फिर सुभाष चंद्र बोस सभी का योगदान महत्वपूर्ण है। मुख्य अतिथि ने प्रस्तुत कार्यक्रम की भी मुक्त कंठ से सराहना की। इस अवसर पर समाज के उन विभूतियों का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों से समाज को गौरवान्वित किया है। तोरवा स्थित बांग्ला भवन के मंच पर इस शाम मानो पूरा बंगाल सजीव हो उठा। प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक विविध कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया।


संध्या से लेकर देर शाम तक एक के बाद एक प्रस्तुति दी गई। छत्तीसगढ़ बंगाली समाज के पदाधिकारियो ने बताया कि प्रवासी होने के बावजूद बंगालियों में अपनी समृद्ध संस्कृति के प्रति गहरे तक आकर्षण है और वे आज भी गीत संगीत कला साहित्य के क्षेत्र में बंगाल की माटी की खुशबू छत्तीसगढ़ में भी बिखेर रहे हैं।

तोरवा स्थित बांग्ला भवन में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दौरान एक के बाद एक दी जा रही प्रस्तुतियों को देखने सुनने बड़ी संख्या में बिलासपुर में रहने वाले बंगाली समाज के लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर समाज द्वारा प्रतिभोज का आयोजन किया गया।



