राजकिशोर नगर स्थित एक सिक्योरिटी एजेंसी संचालक के सुने मकान से लाखों की चोरी के बाद सरकंडा पुलिस की पोल खुल गयी। पीड़ित परिवार गमी में शामिल होने दीगर राज्य गए हुए थे इस दौरान चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। हमेशा की तरह पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।


राजकिशोर नगर ऊर्जा पार्क के सामने रहने वाले संजय सिंह सिक्योरिटी एजेंसी चलाते है। वे सह परिवार गमी में शामिल होने के लिए 19 अगस्त को टाटा नगर गए हुए थे। जब वे 25 अगस्त की रात घर वापिस लौट तो देखा कि घर का दरवाजा खुला हुआ है और अंदर अलमारी सहित सारा सामान अस्त व्यस्त बिखरा हुआ है। इस दौरान संजय सिंह को आभास हुआ कि इनके घर चोरी की घटना हुई है। इसकी जानकारी उन्होंने तत्काल सरकंडा पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की तस्दीक की और चोरों की सुराग ढूंढने सीसीटीवी फूटेज खंगालने में जुट गई। शिकायतकर्ता संजय सिंह ने बताया कि उनके घर से लगभग 12 से 15 तोला सोना, 70 से 80 हजार रुपये नगद और 80 हजार रुपये कीमती लैपटॉप गायब है। प्रार्थी के अनुसार उनके घर से लगभग 12 से 15 लाख रुपये की चोरी हुई है। शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।


पिछले कुछ दिनों की शिकायतों को देखें तो शहर के रिहायशी इलाकों और शहर से लगे आसपास के क्षेत्रों में चोरी एवं उठाईगिरी की घटनाएं बढ़ी है। हालांकि इसको लेकर एसपी ने भी सम्बन्धित थानेदारों को सख्त हिदायत भी दिया है कि अपराध के ग्राफ में अंकुश लगाया जाए। भले ही उसके लिए नाईट गस्त पॉइंट और पैदल पेट्रोलिंग में इजाफा ही क्यों ना करना पड़े। थानेदार भी एसपी के निर्देशों का बकायदा पालन भी कर रहे है बावजूद इतने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चोर पुलिस को लगातार चुनौती दे रहे है जो कि समझ से परे है। फिलहाल देखने वाली बात होगी कि सरकंडा पुलिस और पुलिस की विशेष टीम आखिर चोरी के अनसुलझे मामलों का पर्दाफाश कबतक कर पाती है।



