राम भक्त हनुमान जी की जयंती मंगलवार को धूमधाम से मनाई जा रही है। भक्ति की शक्ति क्या होती है इसके प्रतीक हनुमान जी है। भारत के राजनीतिक दलों के लिए यह बड़ा सबक है कि देश में लव और कुश के मंदिर नहीं है लेकिन भगवान राम से भी अधिक मंदिर उनके सेवक हनुमान जी के हैं, जो बताता है कि यहां वंश परंपरा नहीं बल्कि योग्यता का सम्मान किया जाता है। चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती मनाई जाती है। यह हनुमान जन्म उत्सव है।




प्राचीन ग्रंथो के अनुसार बजरंगबली आज भी धरती पर सशरीर मौजूद है और वे सभी के कष्टों का निवारण करते हैं। अंजनी और केसरी पुत्र हनुमान जी को वानर देवता, बजरंगबली, अंजनेय और वायु पुत्र भी कहा जाता है। हनुमान जयंती पर नगर के सभी हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा आरती हनुमान चालीसा, सुंदर कांड आदि का पाठ किया जा रहा है तो वही जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया है। शहर के इस छोर से लेकर उस छोर तक हर जगह हनुमान जयंती की ही धूम है।






