राहुल गांधी के हिंदू विरोधी बयानों से नाराज संगठनों ने निकाली उनकी शव यात्रा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसद में हिंदू विरोधी बयान से देश भर में बवाल मचा हुआ है। इस बयान के विरोध में गुरुवार को बिलासपुर में भी अलग-अलग संगठनों द्वारा राहुल गांधी की शव यात्रा निकाली गई और जमकर आक्रोश व्यक्त किया गया।

लगता है नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी कुछ अधिक ही जोश में है। इसी जोश में वे क्या कह रहे हैं, शायद यह उन्हें भी होश नहीं है। इसीलिए एक के बाद एक विवादित बयान देने वाले राहुल गांधी का देश भर में विरोध हो रहा है। संसद में हिंदुओं को हिंसक बताने और फिर हिंदू आराध्य देवी देवताओं की तस्वीर लहराने के विरोध में अलग-अलग प्रकार से विरोध दर्ज किया जा रहा है।इसी कड़ी में गुरुवार को बिलासपुर में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित तमाम हिंदूवादी संगठनों ने राहुल गांधी की शव यात्रा निकाली। दोपहर बाद लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान से यह शव यात्रा निकाली गई। बाकायदा अर्थी सजाकर उस पर शव रखकर यात्रा निकाली गई, जिसमें एक व्यक्ति आगे आगे हांडी में अग्नि लेकर चल रहा था। विरोध कर रहे नेताओं ने बताया कि कांग्रेस हमेशा से ही तुष्टिकरण की नीति पर चलती रही है, जिसने अपने घोषणा पत्र में भी साफ कहा था कि वह बहुत संख्यको की विरोधी है। मात्र 99 सीट आने से ही कांग्रेस के चेहरे की कलई उतर गई है और वह संसद में पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। उनका हिंदू विरोधी चेहरा, राहुल गांधी के बयानों से सामने आ रहा है, जिन्होंने बेहिचक संसद में कह दिया कि हिंदू हिंसक है और 24 घंटे हिंसा करते रहते हैं। अगले दिन वे हिंदू देवी देवताओं की तस्वीर लहराकर एक बार फिर से हिंदू धर्म पर आघात करते हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जा रहा जब राहुल गांधी अपने विवादित बयानों से देश के बहुसंख्यक समाज को ठेस नहीं पहुंचा रहे। बावजूद इसके माफी मांगना तो दूर, वे अपने बयानो को सही साबित करने में ऊर्जा खपा रहे हैं, जिसे लेकर देश भर में विरोध व्यक्त किया जा रहा है। इसी क्रम में शवयात्रा लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान से होकर देवकीनंदन चौक पहुंची। इस दौरान सभी ने उनके बयान की घोर निंदा की।

विरोध कर रहे नेताओं का मानना है कि एक वर्ग को खुश करने के लिए राहुल गांधी हिंदुओं को लगातार गाली दे रहे हैं, जबकि सच यह है कि हिंदू से अधिक सहिष्णु दुनिया भर में कोई नहीं है। जब तक इस देश में हिंदू बहु संख्यक है तभी तक इस देश से सेकुलरिज्म है और अन्य धर्म की रक्षा हो रही है। भारत के ही उन टुकड़ों में आज सेकुलरिज्म कहीं नहीं है जो भारत से अलग हो गए और जहां हिंदू अल्पसंख्यक हो गए। राहुल गांधी के इन हरकतों के लिए सबका मानना है कि उनकी नैतिक मृत्यु हो चुकी है इसलिए उनकी शव यात्रा निकाली जा रही है। इस दौरान शव यात्रा में शामिल लोगों ने कांग्रेस और राहुल गांधी मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाएं। दिन भर हो रही बारिश के बावजूद सैकड़ो लोग इस शव यात्रा में शामिल हुए और लाखों लोगों ने नैतिक और वैचारिक रूप से इसका समर्थन किया।

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