रेलवे में अप्रेंटिस की ट्रेनिंग ले रहे 22 वर्षीय युवक की मौत के बाद गुस्साए अप्रेंटिस ट्रेनी युवकों ने रेलवे हॉस्पिटल के बाद डीआरएम कार्यालय का भी घेराव किया। कार्यालय के बाहर ट्रेनी अप्रेंटिस युवकों ने मौत का जिम्मेदार रेल प्रशासन को मानते हुए जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान यहां आरपीएफ और सम्बन्धित थाने के अधिकारी एवं बल तैनात नजर आए।गौरतलब हो कि रेलवे में मशीनिस्ट और अन्य पदों पर अप्रेंटिस काम करते हैं। आरोप है कि उन्हें रेलवे द्वारा पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते।


सोमवार रात को भुसावल जलगांव निवासी 22 वर्षीय प्रसाद गजानन काले अपने साथी प्रणव कुमार के साथ बीसीएन डिपो में काम कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई, उसका साथी भी इससे प्रभावित हुआ है। प्रसाद गजानन के सहकर्मियों का आरोप है कि रेलवे द्वारा उन्हें बेहद मामूली मेहनताना देकर जोखिम का काम कराया जाता है। उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण तक नहीं दिए जाते।


महीने में केवल एक बार ग्लब्स दिया जाता है जबकि वह दो-तीन दिन में ही फट जाता है। इन कर्मचारियों का बीमा भी नहीं होता। नियमानुसार टेक्नीशियन की देखरेख में अप्रेंटिस को काम करना होता है लेकिन अक्सर टेक्नीशियन वहां मौजूद ही नहीं होते। इसी वजह से प्रसाद गजानन काले की मौत हुई है, जिससे उनके साथियों का आक्रोश फूट पड़ा।जिसके बाद उन्होंने पहले रेलवे अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर हंगामा किया। उसके बाद डीआरएम कार्यालय का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया।





