वन विभाग की टीम ने लकड़ी से कोयला बनाने वाले डिपो पर छापेमारी कार्यवाही करते हुए भारी मात्रा में कोयला बरामद किया है। बिलासपुर वन मंडल क्षेत्र के तीन स्थानों पर यह कार्रवाई की गई है। सभी कोयले को जप्त कर वन विभाग की ओर से नियम विरुद्ध डिपो चलाने वाले संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बिलासपुर डीएफओ सत्यदेव शर्मा के निर्देश पर एसडीओ प्रशिक्षु आई एफ एस अभिनव कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को वन विभाग की टीम जिले के अलग-अलग क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए कोयला भट्ठे से अवैध रूप से कोयला और लकड़िया बारामद की है।


दरअसल वन विभाग टीम को लगातार सूचना मिल रही थी कि शहर से लगे ग्राम चिल्हाटी, कुरेली और अमसेना में अवैध रूप से जलाऊ लकड़ी क्रय और संग्रहण कर कोयला भट्ठा से कोयला निर्माण किया जा रहा था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मंगलवार को तीनों जगहों पर दबिश दी। जहां उन्हें चिल्हाटी में अनुज विश्वास डिपो संचालक से 194 बोरी, कुरेली में संचालक विकास अग्रवाल से 51और अमसेना में संचालक श्रेष्ठ बतरा से 65 बोरी कोयला समेत लकड़ी के जलाऊ चट्टा इसमें प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्रियों को जब्त कर वन अधिनियम के तहत डिपो संचालको के खिलाफ कार्यवाही की गई। तीनो जगह से जप्त कोयला और लकड़ी की अनुमानित क़ीमत 5 लाख बताई जा रही है। कार्यवाही में रतनपुर रेंजर देव सिंह ठाकुर, बिलासपुर रेंजर पल्लव नायक, सर्किल फॉरेस्ट ऑफिसर वेद प्रकाश शर्मा, जितेंद्र साहू, अजय बेन, अब्दुल हाफिज खान, मोहम्मद शमीम खान, अविनाश पाटनवार, बीट फॉरेस्ट ऑफिसर नीतीश भार्गव, पन्ना लाल जांगड़े, दिलहरण मरावी, अजय मिश्रा शामिल रहे।




