कलेक्टर अवनीश शरण ने विधानसभा चुनाव के पहले पदभार ग्रहण करने के बाद सबसे बड़ी कार्रवाई कांग्रेस का टिकट मांगने वाले शिक्षक क्रांति साहू के खिलाफ की थी। उसको तत्काल निलंबित कर दिया गया था। साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। जिसका जिम्मा जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया था। डीईओं ने आठ माह बाद शिक्षक को क्लीन चीट दे दी है। साथ ही जिस सबूतों के आधार पर उसको निलंबित किया गया था उसको द्वेषवश बताते हुए बहाली करने के लिए जेडी को प्रस्ताव भेजा है।

मामला अक्टूबर माह का है। समग्र शिक्षा के शहरी स्रोत केन्द्र में खण्ड समन्वयक के पद पर पदस्थ शिक्षक क्रांति साहू बेलतरा विधानसभा से कांग्रेस का टिकट मांग रहे थे। सरकारी नौकरी से त्याग पत्र दिए बिना लगातार चुनाव प्रचार कर रहे थे। साथ ही विधिवत ब्लाक कांग्रेस कमेटी को टिकट के लिए आवेदन भी किया था। उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत थे। जिसकी जांच संयुक्त संचालक ने कराई। सहायक संचालक की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा गया। इसके आधार पर कलेक्टर ने शिक्षक साहू को निलंबित कर दिया। उक्त मामले की विभागीय जांच की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी टी. आर. साहू को सौंपी गई। उन्होंने जांच में शिक्षक के खिलाफ किसी प्रकार की कांग्रेस पार्टी में संलग्नता नहीं पाए जाने पर जेडी को बहाल करने का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में डीईओ ने जेडी को बताया कि शिक्षक कांति कुमार साहू के विरूद्ध अधिरोपित आरोपों की जांच हेतु प्रकरण बनाकर उक्त जांच हेतु ग्यारह मार्च को आहूत किया गया। उक्त तिथि को अपचारी सेवक उपस्थित हुए किन्तु अनावेदकगण उपस्थित नहीं हुए।
शिक्षा अधिकारी ने बताया निलंबित शिक्षक क्रांति साहू के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए थे। उसके खिलाफ किसी प्रकार का सबूत नहीं पाया गया। इसलिए तथ्यों के आधार पर बहाल करने का प्रस्ताव जेडी को भेजा गया है। उसमें अंतिम निर्णय जेडी लेंगे।



गौरतलब हैं कि कांग्रेस पार्टी का प्रचार-प्रसार करने और टिकट मांगने के मामले में शिक्षक एलबी क्रांति साहू के साथ ही उसकी व्याख्याता पत्नी सुनीता साहू को भी निलंबित किया गया था। उक्त कार्रवाई डीपीआई ने की थी। चुनाव होने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सुनीता साहू को पहले से बहाल कर दिया है। इसमें भी उनके खिलाफ किसी तरह का सबूत नहीं पाया गया।
उक्त तिथि को निलंबित साहू को आरोपों की जांच हेतु प्रश्नावली जारी की गई। प्रकरण पर आगामी सुनवाई 25 मार्च नियत की गई। उसमें शिक्षक के साथ अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित हुए एवं प्रकरण के संबंध में अपना जवाब और पक्ष समर्थन हेतु लिखित में अपना जवाब प्रस्तुत किया गया। इसके बाद अगली सुनवाई तिधि 24 अप्रैल को नियत की गई। इसमें संबंधितों से प्राप्त जवाब पक्ष समर्थन हेतु प्रस्तुत पत्रों का परीक्षण किया गया। परीक्षण में क्रांति कुमार साहू का पार्टी विशेष विधान सभा निर्वाचन वर्ष 2023 में प्रचार प्रसार किया जाना सिद्ध होना नहीं पाया गया है न ही किसी ने उक्त विधान सभा चुनाव में संबंधित के लिप्त होने का साक्ष्य मिला,विधानसभा चुनाव के पहले शिक्षक क्रांति साहू खुले आम कांग्रेस की सभा में शामिल हो रहे थे। उनके द्वारा ब्लॉक कार्यालय में बेलतरा से टिकट के लिए आवेदन भी जमा किया गया। इसकी शिकायत होने पर जेडी ने सहायक संचालक से उक्त मामले की जांच कराई। उसके खिलाफ मिले पर्याप्त सबूतों के आधार पर जेडी ने प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर अवनीश शरण के पास भेजा। जिसके आधार पर शिक्षक क्रांति को निलंबित किया गया।


