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विनोबानागर के रहवासियों के घर तोड़ने पहुंची नगर निगम और पुलिस के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, ज्ञापन सौंपा और उनके खिलाफ कार्यवाही करने कि मांग की।

क्षेत्रवासियों ने अधिकारी से बात की तो उसने “तू कौन, तू कहा से? तू है क्या? तेरा मकान है क्या?” जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए बड़े अभद्रता पूर्वक बात करने लगे।

रसूखदारों के कहने पर गरीबो का मकान तोड़ने पहुँचे नगर निगम और पुलिस के खिलाफ विनोबानागर के रहवासियों में आक्रोश है।बुधवार को बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने रसूखदार के खिलाफ हल्ला बोला है और कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर उनके खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। साथ ही लंबे समय से निवासरत लोगो ने आशियाना तोड़ने का विरोध किया है। रसूखदारों के कहने पर नगर निगम पुलिस अमले के साथ मंगलवार की शाम बुलडोजर लेकर विनोबानगर के गलीयारे तक पहुची। जिसकी शिकायत लेकर गुरुवार को क्षेत्रवासी कलेक्ट्रेट पहुंचे, कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर रसूखदारों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है।

बड़ी संख्या में कलेक्टर पहुंचे लोगों ने बताया कि बिना कोई नोटिस दिए बिना किसी बड़े अधिकारियों को लिए; ना ही कोई लीगल पेपर लेकर आये; न ही कोई जानकारी दिया गया. लोगो ने बताया पुलिस वकील ओर अज्ञात लोगों को लेकर शाम को मकान खाली करवाने पहुचे। रसूखदार वहां के 8 से 10 मकान को खाली करा कर तोड़ने निगम पर दबाव बना रहा है, जबकि यहां कुछ मुस्लिम परिवार भी रहते हैं उनका कहना है कि अभी रोजा चल रहा है और इस दौरान हमें बेदखल करने की कार्यवाही की जा रही है। जो सरासर गलत है। हम जब उनसे सहीं दस्तावेज मांगे तो उनके पास कोई सहीं पेपर नहीं था, वो केवल पुलिस के लोगों को और कुछ अज्ञात लोगों को लेकर वहां मकान खाली करवाने तुड़वाने पहुँच गए थे। अचानक से नगर निगम की टीम को देखकर क्षेत्र वासियो में दहशत फैल गई, उनका कहना है कि लोगो को बिना किसी वैध सरकारी आदेश दिखाये, बिना जानकारी दिए और मकाम तोड़ने का कोई कागजात भी अधिकारी नहीं दिखा सके। जानकारी मांगने पर जब हमने उनसे बड़े अधिकारियो के बारे में पूछा तो कहने लगे, बड़े अधिकारी फोन पर है, आ नही सकते। जानकारी चाहिए तो अधिकारी से फोन पर बात हो सकती है।

जब क्षेत्र वासियों ने अधिकारी से बात की तो उसने “तू कौन, तू कहा से? तू है क्या? तेरा मकान है क्या?” जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए बड़े अभद्रता पूर्वक बात करने लगा, और फोन काट दिया। आप सब समझ सकते है अगर कोई आवाज उठाने वाला नहीं है तो यह भ्रष्ट लोग पैसे लेकर दबाव में आकर गरीबों पर जुल्म करने में देरी नही करेंगे।

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