विश्व सिकलसेल दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल के सभाकक्ष में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग और आदिवासी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, सीएमएचओ डाॅ. प्रभात श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डाॅ. अनिल गुप्ता, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त सीएल जायसवाल, डीपीएम प्यूली मजूमदार सहित जिला अस्पताल के डाॅक्टर्स, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को पूरी तरह भारत से समाप्त करने का टारगेट रखा है, इसके लिए व्यापक स्तर पर मरीजों की पहचान के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है, जिले में 1 अप्रैल 2023 से अब तक कुल 4 लाख 43000 जांच की है, इसमें से 3108 सिकलसेल मरीजों की पहचान की गई है, सबसे ज्यादा कोटा क्षेत्र में मरीज पाए गए है।



जांच रिपोर्ट के अनुसार कोटा में 63902 लोगों की स्कैनिंग की गई थी. बुधवार 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर, जिला स्तरीय जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला अस्पताल मे किया गया. इस अवसर पर कमिश्नर अमित कुमार ने परिजनों को सिकलसेल कार्ड और दवाईयों का वितरण किया। इस कार्ड से उन्हे सिकलसेल रोग का समुचित इलाज और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सिकलसेल की जांच के लिए लोगों को प्रेरित करना है। उन्होेंने सिकलसेल रोग के लक्षण बताएं और लक्षण होने की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराने का आग्रह किया। कमिश्नर ने इस संबंध में अधिक से अधिक प्रचार करने की बात कही।



