इस बार सूर्यदेव ने शनिवार को सुबह 3:16 बजे पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश किया और उसके बाद दो जून को सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नौतपा की अवधि 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगी। नौतपा में सूर्य से धरती तपने लगती है, सूर्य आग उगलते प्रतीत होते हैं और जल स्वतः खौलने लगता है। ज्योतिषी पंचांग नौतपा के दौरान इस बार भीषण गर्मी पड़ने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। यदि नौतपा के सभी दिन पूरे रहे तो यह अच्छी बारिश का संकेत होता है। गर्मी का मौसम जून मध्य तक रहेगा. इसके आखिरी दिनों मे नौतपा तपिश और उमस भरा रहेगा. जबकि ज्योतिषी कह रहे इन नौ दिनों मे बारिश होती है तो मॉनसून अच्छी वर्षा करेगा. गणना और राशियों की चाल के आधार पर पंडित कृष्ण कुमार तिवारी कह्ते है नौतपा शुरू हो चुका है. भीषण गर्मी पड़ेगी इसके साथ बीच मे बारिश का योग है जिससे आगे मनुष्य जीव जंतु और पानी आधारित सभी को भरपूर वर्षा का लाभ मिलेगा. मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है अगले कुछ दिनों में तापमान 43 डिग्री पार जा सकता है।

सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में आने का प्रभाव ज्योतिष गणना के मुताबिक शनि की वक्री चाल के चलते नौतपा खूब तपेगा। हालाकि नौतपा के आखिरी दो दिनों के भीतर आंधी तूफान और बारिश होने की संभावना रहेगी। वैज्ञानिक तथ्य के मुताबिक, मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सबसे कम हो जाती है। उस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, इसलिए इन दिनों में सबसे ज्यादा गर्मी होती है। शुरुआत के पांच दिन तेज गर्मी पड़ने और तापमान तीन से चार डिग्री अधिक रहने के आसार हैं। इसके बाद आंधी-वर्षा योग बनने से नौतपा खंडित होगा। यदि नौतपा के दौरान पांच दिन तक तेज गर्मी पड़ती है तो आषाढ़-सावन मास में वर्षा अधिक होने के आसार रहेंगे।


