अभी शराब दुकानों के पास के चखना सेंटर की बोली नहीं हुई है लेकिन अवैध चखना सेंटर धडल्ले से चल रहे हैं, बस स्टैंड के पास खुलेआम चल रहे चखना सेंटर में बाकायदा सभी सामान की लिस्ट और मूल्य भी लिखी हुई हैं, पास ही शराब पीते और चखना खाते शराबियों को देखा जा सकता है। पूरे मैदान में डिस्पोजल, शराब की बोतल खाली बोतल और कचरा पड़ा हुआ है, यहीं पर इमलीपारा के दुकानदारों को जगह दी गई है, शराबियों से भरे इस परिसर में व्यापारी आना नहीं चाहते। लगभग सभी शराब दुकानों के आसपास अवैध चखना सेंटर खुलेआम चल रहे हैं।

शराबियों का मजमा यहां देखा जा सकता है, जबकि आबकारी विभाग कार्यवाही की बात कहता है। उसके बावजूद भी विभाग के नाक के नीचे चल रहे इस अवैध चखना केंद्र पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है यह समझ से परे हैं। बोली में दुकान दार रुचि नहीं ले रहे है, क्योंकि जब सेटिंग्स से ही अवैध रूप से ही चखना सेंटर चल रहा है तो मोटी रकम देकर चखना दुकान क्यों चलाये। आबकारी विभाग को इन अवैध चकना सेंट्रर पर कार्यवाही करनी होगी तभी बोली में दुकानदार रुचि लेंगे और विभाग को राजस्व मिल पाएगा।



