थाना सिविल लाइन में उस समय हड़का मच गया, जब पुलिस को पता चला कि जहर सेवन के बाद मौत के मामले में बिना पोस्टमार्टम कार्यवाही किये ही मृतक के परिवार वालों ने शव का दाह संस्कार कर दिया है। मामले में गंभीरता दिखाते हुए पुलिस ने निजी अस्पताल को नोटिस देकर मृतक के अस्थि को जप्त कर जांच पड़ताल करने की बात कही है।
बुधवार की दोपहर थाना सिविल लाइन पहुंचे अजीबो गरीब और चौका देने वाले मामले से सिविल लाइन थाने में हड़कंप मच गया। दरअसल थाना सिविल लाइन को नेहरू नगर स्थित श्री मंगला हॉस्पिटल ने जहर सेवन के मामले में मर्ग में भेजकर शव का बिना पोस्टमार्टम कार्यवाही कराये बगैर ही श्री मंगला हॉस्पिटल संचालक द्वारा शव को दाह संस्कार के लिए उसके परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने भी मृतक शेखर धीवर के शव ले जाकर अपने गृहग्राम जांजगीर में अंतिम संस्कार कर दिया। इसका खुलासा तब हुआ जब मर्ग मेमो थाना सिविल लाइन भेजने के बावजूद शव पोस्टमार्टम कार्यवाही के लिए किसी ने पुलिस से सम्पर्क नही किया।

एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने बताया कि थाना सिविल लाइन को प्राप्त मर्ग मेमो में जिक्र था कि जांजगीर निवासी शेखर धीवर को जहर सेवन के मामले में बीते 18 मई को पामगढ़ के शासकीय अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां से उसकी हालत देखकर उसे बिलासपुर लाइफ केयर रिफर कर दिया गया। लाइफ केयर में उसकी हालत देखकर उसे श्री मंगला हॉस्पिटल भेज दिया गया। जहां उपचार के दौरान शेखर ने दम तोड़ दिया। एएसपी ने कहा कि इस मामले में वे श्री मंगला हॉस्पिटल को नोटिस जारी कर जवाब मांगेंगे की उन्होंने बिना पुलिसिया कार्यवाही के शव को कैसे परिवार को सौंप दिया। इसके साथ ही वे जांजगीर से शव के अस्थियों को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच पड़ताल कर वैधानिक कार्यवाही भी करेंगे।



गौरतलब है कि बिलासपुर शहर में संचालित सर्व मंगला जैसे ऐसे कई अस्पताल है जो अपने मनमाना तरीके से नियम कायदों को ताक पर रखकर अवैध कार्य कर रहे है। हालांकि इसका जिम्मेदार भी बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग ही है। जिनके छूट के चलते निजी अस्पताल संचालकों के हौसले बुलंद है। यही वजह है कि सर्व मंगला हॉस्पिटल के संचालक ने जहर सेवन के मामले में मौत होने के बाद पुलिसिया कार्यवाही कराना भी जरूरी नही समझा और शव अपने मनमर्जी से अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिवार को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस ने ऐसे लापरवाह अस्पताल पर ठोस कार्यवाही करने की बात कहते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी नोटिस भेजने की जानकारी दी है।



