नवरात्रि में मंदिरों में पूजा अर्चना चल रही है इस दौरान सरकंडा सुभाष चौक स्थित पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी की पूजा अर्चना के साथ दुर्गा सप्तशती देवी भागवत रूद्र चंडी यज्ञ विधिवत रुद्राभिषेक चल रहा है सुबह से शाम तक मंदिर में भक्तों की कतार लगी रहती है।

संतान प्राप्ति रोग मुक्ति कालसर्प दोष ग्रह शांति कन्या विवाह के लिए लोग पूजा अर्चना करवा रहे है आचार्य डॉ दिनेश महाराज के मार्गदर्शन में 10 से अधिक ब्राह्मण पूजा कर रहे हैं। वही मंदिर में इस बार 130 मनोकामनाएं ज्योति जल रही है आचार्य दिनेश ने बताया कि इस मंदिर में ज्योति कलश की संख्या सीमित है क्योंकि केवल गाय के घी से ही मनोकामनाएं ज्योति जलती है। एक नवरात्रि में लगभग 300 लीटर गाय का घी लग जाता है। आचार्य दिनेश ने बताया कि आज से यहां पर गणेश भगवान, भैरव बाबा और हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा शुरू की गयी है। रविवार को इनका अन्य फूल फल जल अधिवास कराया गया, इसके बाद प्राण प्रतिष्ठा होगी।


आचार्य दिनेश महाराज ने बताया कि कोरोना के बाद विश्व कल्याण के लिए 6 महीने तक लगातार मां बगलामुखी की साधना की गई। 40 लाख आहुति डाली गई है। इसके अलावा 110 दुर्गा सप्तशती पाठ,121 बार महादेव की पूजा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि स्वामी शारदानंद जी ने इस मंदिर को श्रीयंत्र रूप में बनाया है। यहां भूतल पर शारदेश्वर पारदेश्वर शिवलिंग स्थापित है। हर पर्व में यहां विशेष पूजा अर्चना की जाती है छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी यहां लोग आते हैं नवरात्रि के छठवें दिन मां श्री ब्रह्म शक्ति बगलामुखी देवी का पूजा श्रृंगार कात्यायनी देवी के रूप में किया गया है।



