सावन सोमवार के अवसर पर त्रिदेव मंदिर में पीतांबरा पीठ मे श्री महारुद्राभिषेकात्मक महायज्ञ का आयोजन हुआ। यह आयोजन 19 अगस्त सावन शुक्ल पूर्णिमा तक निरंतर चलेगा। इस अवसर पर नित्य प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का महारुद्राभिषेक नमक चमक विधि से किया जा रहा है। सावन अमावस्या का धार्मिक अनुष्ठान मे विशेष महत्व है। श्रावण अमावस्या पर देवी, देवताओं की पूजा आराधना की जाती है। इस वर्ष यह पर्व रवि पुष्य नक्षत्र मे मनाया गया। इस अवसर साधना के द्वारा मंत्रों को जागृत किया जाता है। जिसका अपना एक विशेष महत्व है एवं इसमें मंत्रों की सिद्धि भी की जाती है। जो मानसिक शांति और आत्मिक शांति के लिए महत्वपूर्ण है।यह पाप का नाश करता है और पुण्य का निर्माण करता है।सुख-समृद्धि और संपूर्णता प्राप्त होती है।

सावन अमावस्या पर पितृ तर्पण किया जाता है, जो पितृ देवताओं को शांति और संतुष्टि प्रदान करता है। हरेली पर्व राज्य में हर साल सावन मास के कृष्ण पक्ष के अमावस्या को मनाया जाने वाला त्यौहार है। छत्तीसढ़ में हरेली त्यौहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह एक कृषि विशेष त्यौहार है, किसान बहुत ही खुशी के साथ हरेली मनाते है। हरेली हर साल सावन में मनाया जाता है उस समय हर जगह हरियाली छाई रहती है।कृषि से जुड़े सभी औजारो की पूजा की जाती है। इस दिन सभी के घर पकवान बनता है।




