पतंजलि आयुर्वेद प्राइवेट लिमिटेड के हनी प्रोडक्ट के भीतर से मरी हुई छिपकली निकलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर जिला उपभोक्ता फोरम ने पतंजलि और उसके मगर पारा स्थित डीलर चोइथराम जनरल स्टोर, दोनों पर मानसिक, शारीरिक और वाद व्यय क्षति पूर्ति के रूप में पांच – पांच हजार 45 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया है। दरअसल बिलासपुर निवासी योगेश दिवाकर ने वर्ष 2020 में मगर पारा स्थित डीलर चोइथराम जनरल स्टोर से एक पाव का पतंजलि हनी 75 रुपए में खरीदा। घर जाने के बाद सील बंद पतंजलि हनी को गौर से देखने पर उसके अंदर मरी हुई छिपकली दिखाई दी। जिसको लेकर योगेश दिवाकर ने बिलासपुर जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर दिया।



जिसमें बताया गया की देश विदेश में जाना माना ब पतंजलि के प्रोडक्ट जिसे हरेक लोग विश्वास के साथ लेते है,उसी के पतंजलि हनी के भीतर मरी हुई छिपकली निकलना आम बात नहीं। जिस हनी को हम अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए लेने वाले थे उसके अंदर से मरी हुई छिपकली निकली। अगर इस हनी का धोखे से सेवन कर लिया जाता तो स्वास्थ्य को गंभीर हानि हो सकती थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला उपभोक्ता फोरम बिलासपुर ने इसे सेवा में कमी का मामला पाया और पतंजलि समेत उसके मगर पारा स्थित डीलर चोइथराम जनरल स्टोर पतंजलि के डीलर को उपभोक्ता योगेश दिवाकर को पांच पांच हजार 45 दिनों के भीतर देने का आदेश दिया है।



