16 साल से शासकीय गवर्नमेंट स्कूल में सेवा देने वाला कर्मचारी अब आत्महत्या करने की बात कह रहा है। स्कूल की प्राचार्य ने उसे सेवा समाप्ति की बात कही, इससे वह दुखी होकर मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचा और डीईओ से काम से नहीं निकालने की गुहार लगाई। दयालबंद के शासकीय गवर्नमेंट स्कूल में राजू साहू पिछले 16 सालों से अपनी सेवाएं दे रहा है। संविदा आधार पर नियुक्त राजू को उम्मीद थी कि उसे नियमित कर दिया जाएगा। परिवार का भरण पोषण भी स्कूल से मिले वेतन से होता था, अब उसे स्कूल से निकाला जा रहा है, जिसकी शिकायत लेकर उसने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंच गुहार लगायी।

इस दौरान उसने बताया कि यदि उसे काम से निकाल दिया गया तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी और उसके पास मजबूरन आत्महत्या करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। मामला गवर्नमेंट मल्टीपरपज स्कूल का है। जहां राजू साहू पिछले 16 साल से सेवा दे रहा है। वह वर्ष 2008 में सुरक्षा कर्मी के रूप में संविदा आधार पर नियुक्त किया गया था, 2023 में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा इसे स्वच्छता निरीक्षक के पद पर पदोन्नति किया गया और उसका वेतन डीएमएफ फंड से दिया जाता रहा। मंगलवार को स्कूल की प्राचार्य ने उसे सेवा समाप्ति की बात कही, वह रोते हुए सपत्नीक इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से करने पहुंचा, इस दौरान उसने बताया कि वह दो बार कलेक्टर से भी गुहार लगा चुका है। कलेक्टर ने उसे काम करने की बात कही है, जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल के प्राचार्य को शाला विकास समिति के मध्यम से वेतन देते हुए स्कूल में ही उससे कार्य कराने का निर्देश दिया है।


