बिलासपुर पुलिस ने चिटफंड घोटाले के एक ऐसे फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है जो पिछले 6 सालों से पूरे परिवार के साथ पुलिस से छुपता फिर रहा था। इसके खिलाफ आठ मामले दर्ज है और ठगी की रकम करीब 10 करोड रुपए है।

बिलासपुर पुलिस ने पिछले 6 सालों से फरार एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जिसने कैरियर ड्रीम एजुकेशन एकेडमी नाम से चिटफंड बनाकर करीब 10 करोड रुपए की ठगी की है। आरोपी के खिलाफ बिलासपुर जिले में 7 और सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में एक सहित कुल आठ मामले दर्ज है। चिटफंड में निवेश के बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर इसने करीब 10 करोड रुपए का निवेश कराया था। आरोपी बिलाईगढ़ निवासी अरुण वर्मा और उसके साथियों के खिलाफ बिलासपुर में ही सात और सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में एक मामला दर्ज किया गया। इसके बाद मुख्य आरोपी अरुण वर्मा गायब हो गया। बिलासपुर में आरोपी अरुण वर्मा के खिलाफ सरकंडा थाने में 4 प्रकरण, कोतवाली में दो, कोनी में एक और बिलाईगढ़ में एक मामले दर्ज है, लेकिन 2018 से ही अपने परिवार सहित आरोपी गायब है।

इधर एसपी के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस ने एक बार फिर से इस फरार आरोपी की तलाश शुरू की तो पता चला कि वर्तमान में वह अलवर राजस्थान में रहता है और उसका परिवार भोपाल में रह रहा है। जिसके बाद पुलिस की एक टीम भोपाल पहुंची तो पता चला आरोपी भोपाल से इंदौर चला गया है। पुलिस ने उसके आने का इंतजार किया और फिर आयकर कॉलोनी भोपाल में स्थित किराए के मकान से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी अरुण वर्मा ने बताया कि बिलासपुर और अन्य जिले में मामला दर्ज होने के बाद वह डिंडोरी, मंडला, बालाघाट सागर और इंदौर जैसे शहरों में अपने परिवार के साथ छुपता फिर रहा था, फिर खुद नौकरी करने अलवर राजस्थान चला गया और अपनी पत्नी को आयकर कॉलोनी भोपाल में छोड़ दिया। उसे यह सब आइडिया फिल्मों से मिला था। करीब 10 करोड रुपए चिटफंड ठगी के मामले में पुलिस ने आरोपी अरुण वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


शातिर आरोपी अरुण वर्मा ने अपने साथी प्रदीप चंद्राकर के साथ मिलकर राजकिशोर नगर में रहने वाले डॉक्टर संजय बंजारे से 39 लाख रुपए निवेश कर लिए ।इसी तरह नूतन कॉलोनी में रहने वाले विजेंद्र खांडेकर ने भी उनकी फर्जी कंपनी में 6 लाख 96000 जमा कर दिए। बंगाली पारा सरकंडा के डॉक्टर व्यास नारायण कश्यप ने भी करियर ड्रीम एजुकेशन एकेडमी में अच्छा मुनाफा की लालच में डेढ़ लाख रुपये निवेश किये। कुदुदंड में रहने वाले अभय राव फांसे ने अरुण वर्मा के झांसे में आकर 15 लाख 50 हजार रुपए कंपनी में जमा कराए थे। टिकरापारा में रहने वाले चंद्रमणि सिंह ने भी इस कंपनी में 3 लाख रुपये जमा करवाएं । सरकंडा राजकिशोर नगर में रहने वाले राजेश कुमार राठौर ने भी इस फर्जी कंपनी में 2 लाख रुपये निवेश कर दिए। ग्राम पासिद में रहने वाले अजय ध्रुव ने इस कंपनी में 2 लाख जमा कर आए थे, तो वही बिलाईगढ़ के किरण साहू ने भी इस फर्जी कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया था कि अरुण वर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव में एलोवेरा की खेती करने का झांसा देकर महिला समूह और करीब दो से 300 ग्राम वासियों से लगभग 8 करोड रुपए की ठगी की है। इसके बावजूद यह इतने लंबे वक्त से फरार था।


