लगता है एसईसीआर बिलासपुर को प्रदेशवासियों से जरा भी सरोकार नही है। तभी तो लम्बे समय से बिगड़ी ट्रेनों की चाल अब तक नही सुधरी। इसके बावजूद कुछ ना कुछ काम का हवाला देकर रेल प्रशासन द्वारा लम्बे समय से ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है।हालही में रेलवे ने तीसरी लाइन, चौथी लाइन का हवाला देकर पहले 19 यात्री ट्रेनें रद्द किया उसके बाद फिर से जरूरी कामकाज का हवाला देकर 7 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इतना ही नही प्रदेशवासी एक तो लंबे समय से ट्रेनों की रद्द होने की समस्या से जूझ रहे है, उसपर यात्रियों को ट्रेनों की लेट लतीफी से भी राहत नही मिल पा रही है।


शनिवार को भी एसईसीआर से होकर गुजरने वाली लगभग 83 यात्री ट्रेनों में अधिकांश ट्रेनें 3 से 7 घण्टे विलम्ब से चली।जिसके चलते अपने गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को घंटों स्टेशन में ही बिताना पड़ा। इसके अलावा एसईसीआर बिलासपुर से लगभग 83 ट्रेनों का परिचालन होता है, इसमे से लम्बी दूरी तय करने वाली अधिकांश ट्रेनें 3 से 7 घण्टे विलम्ब से रवाना हुई। बेपटरी हुई ट्रेनों की चाल नही सुधरी। इतना तक कि ट्रेनों के रद्द होने का सिलसिला भी नही थमा। अब रेलवे द्वारा ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान जबलपुर और कन्याकुमारी के मध्य यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को सुविधाओं का हवाला देते 15 फेरों में सुपर फास्ट साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन चलाने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल ये तो 15 फेरों में स्पेशल ट्रेनें शुरू होने के बाद ही पता चलेगा कि आखिर रेलवे की स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को कितनी राहत मिल रही है।




