ग्रुप डी नौकरी के लिए आवेदन करने के बावजूद रेलवे ने सैकड़ो अभ्यर्थियों को नौकरी से वंचित कर दिया। इस मामले में गुस्साए अलग अलग राज्य के तकरीबन 200 अभ्यर्थियों ने जीएम कार्यालय का घेराव कर जवाब मांगा। अभ्यर्थियों ने बताया कि सन 2010 में एसईसीआर ने 5700 पदों पर ग्रुप डी में वैकेंसी निकाला था।जिसके बाद अलग अलग राज्यों के अभ्यर्थियों ने इसमें आवेदन किया था। जानकारी के आभाव में तकरीबन 220 अभ्यर्थि नौकरी से वंचित हो गए। जब ऐसे अभ्यर्थियों को इसका पता चला तो उन्होंने इसपर जानकारी हासिल किया तो पता चला कि अब भी बीते 2010 में विभिन्न पदों पर निकले ग्रुप डी के वैकेंसी में 400 से अधिक पद रिक्त है। जिसके बाद नौकरी से वंचित अभ्यर्थियों ने एसईसीआर से सम्पर्क कर जवाब मांगा। लेकिन रेलवे ने किसी तरह का कोई जवाब नही दिया।



इससे गुस्साए अभ्यर्थियों ने 2019 में कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया और रेल प्रशासन से इन्हें प्राथमिकता देने को निर्देशित किया। बावजूद इसके रेल प्रशासन ने ना तो अभ्यर्थियों से संपर्क किया और ना हीं कोर्ट का जवाब दिया। इसलिए नौकरी से वंचित अभ्यर्थियों ने एसईसीआर का घेराव कर दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि रेलवे ने अगर जल्दी इन्हें संतुलित जवाब नहीं दिया तो वे आगे चलकर एसईसीआर के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे और फिर से कोर्ट की शरण में जाएंगे।


