वैशाख शुक्ल अष्टमी को देवी बगलामुखी की जयंती मनाई गई। ब्रह्म शक्ति बंगलामुखी का विशेष पूजन और पीले फलों से श्रृंगार किया गया। श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर सुभाष चौक सरकंडा में बंगलामुखी जयंती के पावन पर्व पर पांच दिवसीय विशेष अनुष्ठान किया जा रहा है। मंगलवार को विधि विधान से अनुष्ठान आरंभ हुआ। ब्रह्म शक्ति बंगलामुखी के जयंती के अवसर पर माता का श्रृंगार पीले फलों से किया गया। माता रानी को 56 प्रकार के भोग लगाए गए और रात्रि कालीन हवनात्मक महायज्ञ प्रारंभ हुआ।



16 मई को सवा लाख बातियों से महाआरती किया जाएगा। 5 दिन अनुष्ठान में प्रतिदिन मां श्री बंगलामुखी का विशेष पूजा श्रृंगार देवाधिदेव महादेव श्री शारदेश्वर पारदेश्वर का प्रातः कालीन रुद्राभिषेक रात्रि कालीन हवनात्मक महायज्ञ किया जाएगा। पीतांबरा पीठ के पीठाधीश्वर आचार्य डॉक्टर दिनेश महाराज ने बताया कि मां बगलामुखी 10 महाविद्याओ में आठवीं महाविद्या है इन्हें माता पीतांबरा भी कहते हैं संपूर्ण सृष्टि में जो भी तरंग है वह इन्हीं की वजह से है यह भोग और मोक्ष दोनों ही प्रदान करने वाली देवी है।





