थाना तोरवा क्षेत्र अंतर्गत बीते वर्ष सितंबर महीने में दो मुहानी स्थित रेलवे ट्रैक में एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 और 201 की धारा जोड़कर मामले को विवेचना में लिया है। गौरतलब हो कि बीते वर्ष 2 सितंबर को थाना तोरवा अंतर्गत दो मुहानी रेलवे ट्रैक में तोरवा पुलिस को हाथ-पैर बंधी हुई 40 से 45 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली थी। इस पूरे मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर लाश की शिनाख्ती कार्यवाही करने में जुट गई थी। हालांकि लाश कि शिनाख्ती नहीं हो पाई थी।

जिस वजह से पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार करवा दिया था। कल तक तो केवल संदेह ही जाहिर किया जा रहा था कि किसी ने इस व्यक्ति को मारकर इसके हाथ पांव बांधकर बन्द रेलवे ट्रैक में फेंक दिया है। लेकिन पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद संदेह हकीकत में बदल गया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में 8 महीने बाद 302 और 201 की धारा जोड़कर मामले को विवेचना में लिया है। फिलहाल इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस अब तक लाश की शिनाख्ती तक नहीं कर पाई है तो बड़ी समस्या ये है कि आखिर पुलिस हत्यारों के गिरेबान तक कैसे पहुंच सकेगी। हत्यारों को पकड़ना और उन्हें सलाखों के पीछे भेजना फिलहाल पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।


