ओबीसी महासभा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम नगर विधायक अमर अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। ओबीसी महासभा के पदाधिकारियो ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों में महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल सहित मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जा चुका है, उसके बावजूद भी राष्ट्रीय जनगणना आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका है।

जिसमें मांग की है कि आज तक राष्ट्रीय जनगणना और 2 दिसंबर 2022 को पारित आरक्षण संशोधन विधेयक में महामहिम राज्यपाल के हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं, जिसके चलते ओबीसी के हित संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही नहीं हो पा रही है। ओबीसी महासभा ने 22 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा है जिसमें 2021 की लंबीत राष्ट्रीय जनगणना शीघ्र कराने की मांग की गई है, इसमें ओबीसी के लिए पृथक से कोड नंबर बनाने की मांग भी शामिल है।

साथ ही ओबीसी समुदाय को आबादी के बराबर समानुपातिक संवैधानिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की है,वही पिछले 30 वर्षों से लंबीत 27% आरक्षण राज्य में अभिलंब लागू किए जाने और इस अवधि में बैकलॉग नियुक्तियां प्रदान किए जाने सहित विभिन्न मांगों का ज्ञापन विधायक को सौंपा गया है।





