गणेश चतुर्थी की तैयारी और प्रशासनिक नियम को शीर्ष पर रखकर विभन्न मुद्दों पर गणेश समितियों के समूह ने आयोजित की बैठक।

हर साल भद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से 10 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत होती है, जो अनंत चतुर्थी तक चलती है। इस बार गणेश उत्सव 7 सितंबर से शुरू हो रहा है और यह 17 सितंबर तक चलेगा। हर साल शहर में गणेश उत्सव समितियां अपने हिसाब से अलग-अलग दिन गणेश प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। जिसकी वजह से शहर की सड़कों पर हर दिन जाम की समस्या निर्मित होती थी। इसे देखते हुए गणेश उत्सव समितियां ने खाटू श्याम मंदिर में बैठक कर यह निर्णय लिया कि जिस तरह दुर्गा उत्सव में एक साथ झांकी निकालकर विसर्जन किया जाता है।

ठीक उसी प्रकार गणेश उत्सव में भी एक ही दिन झांकी निकालकर गणेश प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। बैठक में और विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। जिसमें डीजे के साउंड के आवाज को लेकर भी चर्चा हुई। इसमे प्रशासनिक गाइडलाइन के पालन करने का निर्णय लिया गया है। ताकि बच्चों और बुजुर्गों को डीजे के आवाज से परेशानी ना हो। इसके अलावा विसर्जन के समय अभद्र गीत ना चला कर सिर्फ भक्ति गीत चलने की बात रखी गई। सभी समितियो द्वारा सर्व सहमति से हर वर्ष गणेश विसर्जन गणेश बैठने के 11 दिन पर किए जाने का निर्णय लिया गया है।

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