विगत वर्षों की भांति इस बार भी शारदीय नवरात्र पर टीम नारी शक्ति द्वारा हिंदू रास गरबा महोत्सव का आयोजन किया जाना है, इसकी तैयारी को लेकर इस रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें आयोजन को सफल बनाने पर चर्चा की गई। हिंदू रास गरबा महोत्सव अपने आप में कई कारणों से अन्य गरबा आयोजनों से अलग है। इस रास गरबा में केवल उन्हें ही प्रवेश दिया जाता है जिनके पास निमंत्रण पत्र हो। किसी भी प्रकार का नशा करने वालों का प्रवेश वर्जित है। आधार कार्ड की जांच कर केवल हिंदुओं को ही इस आयोजन में प्रवेश किया जाएगा।


साथ ही प्रवेश करने वाले सभी प्रतिभागियों को अनिवार्य रूप से बजरंगबली की पूजा अर्चना कर तिलक लगाना होगा। गोमूत्र मिश्रित गंगाजल ग्रहण करने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा और सभी प्रतिभागियों के हाथ में श्री राम जी के प्रतीक चिन्ह स्वरूप उनका नाम लगवाना होगा। नारी शक्ति टीम द्वारा यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि रास गरबा की मर्यादा बनी रहे और सनातन धर्म के इस धार्मिक आयोजन में विधर्मियों के प्रवेश पर अंकुश लगाया जा सके। आपको बता दे कि बिलासपुर की नारी शक्ति टीम महिला सशक्तिकरण और उनकी समस्याओं को लेकर सार्थक कार्य कर रही है, जिनके द्वारा हर वर्ष शारदीय नवरात्र पर हिंदू रास गरबा महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जो अपने आप में विलक्षण और अनूठा है।



