बिलासपुर में एटीएम में डकैती समेत बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे हथियारबंद गिरोह को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली है. पकड़े गए सभी आरोपी आदतन अपराधी है। इसलिए पुलिस ने सभी आरोपियों का पैदल जुलूस भी निकाला।

बिलासपुर पुलिस इन दिनों ऑपरेशन स्ट्रीट के तहत हथियार रखकर घूमने वाले बदमाशों की धर पकड़ कर रही है. इसी कड़ी में पुलिस के हाथ एक बड़ा गिरोह लगा, जिसके पास बाकायदा पिस्तौल और देसी कट्टा था। और यह गिरोह आने वाले दिनों में एटीएम में डकैती डालने की योजना बना रहा था। मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली कि मिनी बस्ती जतिया तालाब सुलभ के पास कुछ लोग बैठकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. मौके पर पुलिस पहुंची तो पुलिस को देखकर अपराधी इधर-उधर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने दौड़ा कर 11 अपराधियों को पकड़ लिया।

सुलभ के आसपास योजना बना रहे इन अपराधियों की तलाशी में उनके पास से एक पिस्टल, 6 देसी कट्टा, दो मैगजीन, 10 जिंदा कारतूस, एक तलवार, चाकू, फरसा और मारुति वेगनर कार भी मिला। पूछताछ में पता चला कि इन लोगों ने भोपाल अवधपुरी में रहने वाले किसी धीरेंद्र सिंह तोमर से यह हथियार खरीदे थे, यह सभी आने वाले दिनों में नेहरू चौक एटीएम में डकैती डालने की योजना बना रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पकड़े गए। पुलिस ने इस मामले में मिनी बस्ती में रहने वाले स्वराज कुर्रे उर्फ कांदा, राज उर्फ बड़े सिदार, मनोज कोसले उर्फ महाराज, दिलीप बंजारे, विक्की बंजारे, सुभाष कुर्रे, रितेश उर्फ़ चिंटू अग्रवाल, अश्विनी रात्रे, विजय तोमर, पृथ्वीराज ठाकुर उर्फ मोनू और सुमित जायसवाल को गिरफ्तार किया है।

खास बात यह है कि गिरोह में शामिल सभी पेशेवर अपराधी है और उनके खिलाफ दर्जनों मामले अलग-अलग थाने में दर्ज है। लगातार अपराध को अंजाम देने से इनके हौसले इस कदर बढ़ गए कि ये गिरोह बनाकर बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, इसलिए पुलिस ने उनका हौसला पस्त करने के लिए सभी 11 अपराधियों का जुलूस निकाला।

बिलासा गुड़ी से जिला न्यायालय तक इन्हें पैदल चला कर ले जाया गया। पूछताछ में यह भी पता चला कि भोपाल से हथियार खरीद कर स्वराज कुर्रे ने उसे अपने ससुराल में छुपा कर रखा था। पूरी तरह हथियारों से लैस यह गिरोह सिर्फ एटीएम की डकैती कर नहीं रुकता। आने वाले दिनों में यह और भी बड़े अपराधों को अंजाम देता। बिलासपुर में न जाने और कितने ऐसे गिरोह होंगे, जो इस तरह की योजना बना रहे हैं। कभी शांति का टापू कहे जाने वाले बिलासपुर में हथियारों की आमद और ऐसे बनते गिरोह खतरे का संकेत है।


