जोनल स्टेशन में रेल संपत्ति सुरक्षित नहीं है। सप्ताहभर पहले चोर प्रतीक्षालय में लगे एसी का कॉपर पाइप काटकर नौ दो ग्यारह हो रहे थे। इसके चलते वेटिंग हॉल में ठहरने वाले यात्रियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। जिसे देखते हुए फिर से वेटिंग हॉल में नए एसी लगाए गए हैं।

एसी से कॉपर पाइप चोरी होने की घटना कुछ दिनों पहले की है।दरअसल स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर महिला एवं पुरुष वातानुकूलित प्रतीक्षालय है। यहां केवल उन्हीं यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है, जो ट्रेन में एसी कोच का टिकट लेकर यात्रा करते हैं।जिसकी जानकारी भी यात्रियों को है। इसलिए वेटिंग हॉल पर यात्री टिकट दिखाकर ही प्रवेश करते हैं लेकिन एसी बन्द रहने के चलते यात्रियों को भीतर जाने के बाद या तो उन्हें उल्टे पैर लौटना पड़ता था या परेशान होकर बैठना पड़ता है। दरअसल पुरुष और यात्री प्रतीक्षालय हाल में लगे टॉवर एसी के आउट डोर से अज्ञात चोर कॉपर पाइप एवं तारों की चोरी कर नौ दो ग्यारह हो रहे थे।

बता दें यह चोरी गेट नम्बर तीन और फूड यूनिट बिल्डिंग के बीच खाली जगह से घुसकर हो रही थी।दोनों बिल्डिंग के बीच छोटी गली जैसी है। इसकी सुरक्षा के लिए रेलवे ने गेट तो लगाया है लेकिन गेट हमेशा खुला रहता है। इसी का फायदा उठाकर चोर बड़ी आसानी से तार काटकर चोरी कर ले जाते थे। हैरान करने वाली बात ये है कि इस घटना की भनक तक आरपीएफ या रेलवे स्टाफ को नही लगती थी। हालांकि यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए महिला एवं पुरुष वेटिंग हॉल में फिर से 4 नए एसी लगाए गए हैं।


हमारे कैमरे में कैद इस तस्वीर को आप खुद देख सकते है कि किस तरह से नए एसी लगने के बावजूद हमेशा की तरह प्रतीक्षालय के पीछे गैलरी का दरवाजा खुला हुआ है। ऐसा लग रहा है रेलवे खुद चोरों को फिर से चोरी के लिए निमंत्रण दे रहा है। इस सम्बंध में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील इलाके से रेलवे की संपत्ति की चोरी हो रही है तो इसका जिम्मेदार रेलवे की सुरक्षा में तैनात आरपीएफ बल है। उनकी लापरवाही से चोरों के हौसले बुलंद है। हालांकि उन्होंने कहा कि जल्द ही कॉपर चोरी करने वाले चोरों को भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा।


गौरतलब हो कि रेलवे स्टेशन में हो रही चोरी रोक पाने में नाकाम आरपीएफ बल दल बल के साथ स्टेशन भ्रमण करती है और प्रूफ के लिए फोटो खिंचवा कर वापस पोस्ट लौट जाती है। हमेशा की तरह बुधवार की दोपहर गेट नम्बर 3 पर आरपीएफ दल बल के साथ पहुंचती है और यहां ट्रेनों के इन्तेजार में बैठे यात्रियों को किस तरह से अनावश्यक परेशान कर रही है यह भी स्पष्ठ देखा जा सकता है। फिलहाल जरूरत है आरपीएफ को औपचारिकता पूरी या खानापूर्ति करने के बजाय जिम्मेदारी से अपना ड्यूटी कर स्टेशन में बढ़ रहे चोरी के अपराधों पर अंकुश लगाने की।



