
नवरात्रि और विजयदशमी के समापन के साथ ही मां दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर शुरू हो गया है। परंपरा और आस्था के इस अनुष्ठान में भक्तों ने माता को पूरे श्रद्धाभाव और धूमधाम से विदा किया। दरअसल हिंदू शास्त्रों के अनुसार गुरुवार को बेटी की विदाई नहीं की जाती, ऐसे में इस बार विजयदशमी गुरुवार को होने की वजह से प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार से प्रारंभ हुआ। सुबह से ही शहर के दोनों प्रमुख विसर्जन स्थल पचरी घाट और छठ घाट पर प्रतिमाओं का आना शुरू हो गया था और देर रात तक यह क्रम जारी रहा।शाम के समय विशेष भव्य झांकी निकाली गई, जो सिटी कोतवाली चौक से निकलकर पचरी घाट पहुंची। इसमें शामिल श्रद्धालु मां के जयकारों और भक्ति गीतों के साथ माता की विदाई में डूबे नजर आए। विसर्जन की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। नगर निगम की ओर से दोनों घाटों पर क्रेन और गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी ताकि प्रतिमाओं का विसर्जन सुरक्षित और सुगमता से संपन्न हो सके। वहीं पुलिस बल भी जगह-जगह तैनात रहा और भीड़ को नियंत्रित करता नजर आया।मां दुर्गा के जयघोष के बीच भक्तों ने उन्हें विदा करते हुए पुनः अगले वर्ष आने का आमंत्रण दिया। आस्था और उमंग से भरे इस माहौल में विसर्जन स्थलों पर सांस्कृतिक व धार्मिक रंगत दिखाई दी और श्रद्धालु मां के चरणों में नमन कर अपने-अपने घर लौटे।


