
मिशन हॉस्पिटल परिसर में दूसरे दिन भी बुलडोजर, की कार्यवाही जारी रही लेकिन इस बीच मिशनरी समाज के लोगों ने यहां विरोध हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें स्टे मिल चुका है लेकिन उसके बाद भी मकान को दहे जा रहे हैं जिसे लेकर भारी होगा की स्थिति निर्मित हुई। मिशन हॉस्पिटल परिसर में निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई के दूसरे दिन बुधवार को फिर जमकर बवाल मच गया। मंगलवार को हुई कार्यवाही के बाद बुधवार सुबह जब निगम का अमला दोबारा पहुंचा, तो परिसर में मौजूद मिशनरी समाज के लोग उग्र हो गए। उनका कहना था कि जिस भवन पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे ऑर्डर मिल चुका है, वहां फिर से तोड़फोड़ की जा रही है।सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान मिशनरी समाज के युवक-युवतियों ने दीवार फांदकर परिसर के अंदर प्रवेश कर विरोध जताया। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए निगम अमले पर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात तक चली कार्रवाई में मुख्य बंगले और करीब 30 परिवारों को बेदखल कर दिया गया था। विवाद बढ़ता देख मौके पर सीएसपी निमितेश सिंह दलबल सहित पहुंचे, वहीं थोड़ी देर बाद निगम कमिश्नर, एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बावजूद परिसर के बाहर लोगों ने हंगामा जारी रखा और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। हालांकि से देखते हुए पुलिस के द्वारा यहां सुरक्षा के भुगतान इंतजाम रखे गए थे तो वही नगर निगम कमिश्नर ने भी कहा कि नियम के तहत या पूरी कार्रवाई की जा रही है क्योंकि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है जिसके बाद यहां जो आने वाले समय में परियोजनाएं प्रारंभ की जानी है उसके लिए यह सभी अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। मिशन परिसर में लगातार दो दिनों से जारी इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा तेज है। वहीं, विरोध करने वालों का आरोप है कि स्टे ऑर्डर के बावजूद प्रशासन ने मनमानी करते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई की है।


