
साधु वासवानी की 146वीं जयंती 25 नवंबर को शाकाहार दिवस के रूप में मनाई जाएगी। इससे पहले धर्मार्थ ट्रस्ट ने सामाजिक सहयोग से प्रचार रैली निकाली। श्री साधु की तस्वीर से सुसज्जित वाहन के पीछे समाजसेवी और स्कूली बच्चे शाकाहार जीवन अपनाने का संदेश दे रहे थे। सात्विक भोजन के लिए लोगों को प्रेरित करने वाले समाजसेवी साधु वासवानी का मिशन उनके चले जाने के बाद भी सक्रिय है। उनका ध्येय था कि मांसाहार से तौबा कर लोग शुद्ध और शाकाहारी भोजन करें इसके पीछे की सोच यह थी कि खाने के लिए जीव हत्या पर रोक लग सके। सभी शांति और सौहाद्र से जीवन बिताए।

साधु वासवानी ने जीते जी संकल्प लिया कि उनका जन्मदिन 25 नवंबर शाकाहार दिवस के रूप मे याद रखा जाए। इससे पहले मिशन के तत्वाधान मे गुरुवार को जागरूकता रैली निकाली। समाजसेवी और सिंधी कॉलोनी कस्तूरबा नगर के नागरिक शाकाहार अभियान को गति देने रैली मे सहभागी बने। नारे लिखी तख्तियां थामे स्कूली बच्चों ने भी सात्विक भोजन करने लोगो से अपील किया। बताया गया कि इंसान का शरीर मांस खाने के मुताबिक नहीं बनाया है। बल्कि उसे प्रकृति और अपने आसपास रहने वाले जीव जंतुओं की सुरक्षा कर पर्यावरण का ख्याल रखना चाहिए। खासकर बच्चों को शाकाहार अपनाने की शपथ दिलाने मिशन के सदस्यों ने स्कूलों मे संपर्क किया। सिंधी कालोनी स्मार्ट रोड नेहरू नगर मे भ्रमण कर रैली मे सदस्यों ने 25नवंबर एक दिन मांसाहार छोड़ने लोगो से आग्रह किया।


