संविधान और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आदिवासी समाज ने खोला मोर्चा

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर ने सोशल मीडिया पर संविधान एवं आरक्षण को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर की गई टिप्पणी से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार राजनांदगांव जिले के छुरिया तहसील निवासी एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समाज के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ अभद्र और भड़काऊ टिप्पणी की गई। इससे समाज विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंची है और सामाजिक तनाव उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। उल्लेख किया गया है कि संविधान के खिलाफ की गई इस प्रकार की टिप्पणियां देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाती हैं। आदिवासी समाज ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कृत्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।

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