घटना को पूरे 17 दिन हो चुके है और मामले में अब तक किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं होने से पुलिस प्रशासन की भी जमकर आलोचना हो रही है।
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत महिला डॉक्टर की लाश उसी के मकान में फांसी के फंदे पर लटकते हुए संदिग्ध अवस्था में मिली थी। घटना को संदिग्ध और मृतका महिला डॉक्टर की माँ के आरोप अनुसार पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज किए जाएंगे।

बिलासपुर जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ डॉक्टर पूजा चौरसिया की लाश उसके बाबाजी कॉलोनी के निवास पर संदिग्ध अवस्था मे फांसी के फंदे पर लटकते हुए पाई गई थी।पुलिस ने मौकाए वारदात पर पहुंचकर जरूर मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए शव सिम्स भेज दिया था। लेकिन यूएसए में रह रही मृतका की मां गीता चौरसिया ने खुद की उपस्थिति के दौरान पोस्टमार्टम करने की मांग की थी। जिनके आने के बाद ही पीएम कार्यवाही की गई थी। मृतका की मां ने इस दौरान मृतका के पति डॉक्टर अनिकेत कौशिक और उसके जिम पार्टनर सूरज पांडे के ऊपर गम्भीर आरोप लगाकर मौत का जिम्मेदार उन्हें बताया था। घटना बीते 11 मार्च की है। वहीं घटना के वक्त घर पर उसके पति अनिकेत कौशिक और जिम पार्टनर सूरज पांडे की भी होने की जानकारी मिली थी। इसी के आधार पर पुलिस ने 17 दिनों के बाद इस मामले में जांच पड़ताल कार्यवाही को तेज कर दिया है। सिटी एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतका के मां के द्वारा दिए गए बयान को आधार बनाकर इस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही इस पूरे मामले में दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

गौरतलब है कि महिला डॉक्टर के द्वारा किए गए सुसाइड के जिस मामले को आत्महत्या के लिए प्रेरित करना बताकर जिस तरह से पुलिसिया कार्यवाही में तेजी लाई गई है। उसे पूर्व में ही पुलिस के द्वारा पूरी कर अब तक दोषियों के खिलाफ कार्यवाही भी कर देनी चाहिए थी। हालांकि इस घटना को पूरे 17 दिन हो चुके है और मामले में अब तक किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं होने से पुलिस प्रशासन की भी जमकर आलोचना हो रही है। यही वजह है कि अब इस जांच पड़ताल में पुलिस ने तेजी ला दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इसकी जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।


